अंकिता भंडारी मामले में गणेश गोदियाल ने सरकार पर संदेह जताया, सीएम धामी की आलोचना
एफएनएन, देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अंकिता भंडारी के माता पिता से मुलाकात की. इसे लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आज अंकिता भंडारी को न्याय के मामले में पूरा प्रदेश आंदोलित है. सभी राजनीतिक और सामाजिक […] The post अंकिता भंडारी मामले को लेकर गणेश गोदियाल का सरकार पर निशाना कहा- कि अपनी खाल बचाने में लगे सीएम धामी appeared first on Front News Network.
अंकिता भंडारी मामले में गणेश गोदियाल ने सरकार पर संदेह जताया, सीएम धामी की आलोचना
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी के मामले ने उत्तराखंड में सियासी हलचल मचा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह अपनी खाल बचाने में लगे हैं और इस मामले में उन्हें पारदर्शिता नहीं दिख रही।
मुख्यमंत्री की मुलाकात से गर्माया सियासी माहौल
देहरादून: बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक दंगल को एक नया मोड़ दे दिया है। गोदियाल का कहना है कि प्रदेश में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठन सक्रिय हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह कदम सिर्फ अपनी छवि को बचाने की कोशिश प्रतीत होता है।
गणेश गोदियाल की तीखी टिप्पणी
गणेश गोदियाल ने कहा, "मुख्यमंत्री ने यह वादा किया था कि वह अंकिता के माता-पिता से मिलकर उनकी जैसी भी मांगें होंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा। लेकिन साढ़े तीन वर्षों में अंकिता के माता-पिता ने कोर्ट में भी इसकी CBI जांच की मांग की है। क्या मुख्यमंत्री इस मांग से अवगत नहीं हैं?" उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस मामले में पारदर्शी जांच के लिए प्रदेश के नेतृत्व में बदलाव करना चाहिए।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता पर सवाल
सीएम धामी ने अंकिता के माता-पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी से मिलकर उनकी भावनाओं को सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। लेकिन इस पर गोदियाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह सिर्फ दिखावा है? क्या मुख्यमंत्री वास्तव में पीड़ित परिवार की मदद करना चाहते हैं या मात्र अपनी खाल बचाने में जुटे हैं?
राजनीतिक संगठनों की एकजुटता
सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठन इस मामले में एकजुट हैं, और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहे हैं। यह सिर्फ एक परिवार की बात नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की न्याय प्रणाली पर सवाल उठाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के वादों की गंभीरता पर गहरा संदेह उत्पन्न हो गया है।
इस मामले में आम जनता भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और उनकी मांग केवल न्याय की है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता और न्याय की दिशा में और अधिक काम करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अंत में, हमें इस मामले में आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि अंकिता भंडारी को न्याय मिले। हम आशा करते हैं कि सरकार इस मामले में गंभीरता से कदम उठाएगी।
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टीम धर्म युद्ध
प्रिया कुमारी