अंकिता हत्याकांड: कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांगे तेज

एफएनएन, देहरादून : अंकिता हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेशभर में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन किए गए। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को उजागर करने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ऋषिकेश में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष […] The post अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का आक्रोश, विधायक आवास पर प्रदर्शन appeared first on Front News Network.

अंकिता हत्याकांड: कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांगे तेज
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अंकिता हत्याकांड: कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांगे तेज

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कम शब्दों में कहें तो: कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग के लिए प्रदेशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सीबीआई जांच की मांग उठाई गई और वीआईपी के नाम को उजागर करने का दबाव डाला गया।

एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस मामले में प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिसमें महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने खासकर प्रमुख भूमिका निभाई।

महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

ऋषिकेश में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अपनी आपत्ति प्रकट की, जिसमें अंकिता भंडारी के मामले में कथित वीआईपी के नाम को उजागर करने और सीबीआई जांच की मांग शामिल थी।

सरकार की चुप्पी पर सवाल

ज्योति रौतेला ने कहा कि "अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम को लेकर प्रदेश सरकार की मौनता अनेक प्रश्नों को जन्म देती है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह वीआईपी कौन है, जिसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को न्याय मिल सके।

भाजपा का प्रतिवाद

वहीं, दूसरी तरफ कर्णप्रयाग में भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस का पुतला फूंका। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से सबूत दिखाने की मांग की और कहा कि "कांग्रेस दिवंगत अंकिता के नाम का राजनीतिक उपयोग कर रही है। अगर उनके पास किसी प्रकार का सबूत है, तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए।" इस पर कांग्रेस ने जहां सीबीआई जांच की मांग की, वहीं भाजपा ने इसे राजनीति का हिस्सा बताया।

शिक्षा के बिज़ारिकरण के खिलाफ एनएसयूआई का प्रदर्शन

इसी बीच, देहरादून में एनएसयूआई छात्र संगठन ने जमा होकर ना केवल अंकिता हत्याकांड बल्कि एंजेल चकमा की हत्या के मामले में भी न्याय की मांग की। साथ ही, निजी विश्वविद्यालयों द्वारा शिक्षा के बाजारकरण के खिलाफ भी उन्होंने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किए, जहां उन्होंने एकजुटता का प्रदर्शन किया।

सभी गतिरोधों के बीच, देहरादून में यमुना कॉलोनी चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला जलाया, जो सत्ता के प्रति असहिष्णुता का प्रतीक था।

समर्थन और प्रतिक्रिया

इस तरह की घटनाओं ने प्रदेश के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को एकजुट किया है। यह लड़ाई केवल एक व्यक्तिगत मामले की नहीं, बल्कि न्याय, शिक्षा और सामाजिक नैतिकता के बड़े मुद्दों की भी है। प्रदेश में बढ़ते हत्याओं के मामलों और आरोपियों की छवि को लेकर जनता में गहरी चिंता है।

कांग्रेस और भाजपा के बीच इस तनाव ने उत्तराखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। लोगों में इस प्रकार के आंदोलनों के प्रति समर्थन देखने को मिल रहा है, जिससे प्रतीत होता है कि यदि सवालों के जवाब नहीं मिलते हैं, तो यह आंदोलन और बढ़ सकते हैं।

अंकिता भंडारी की मौत ने एक नई बहस को जन्म दिया है, जिसमें न्याय की मांग उठाई जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस मुद्दे पर उचित कदम उठाएगी या फिर राजनीतिक सौदेबाजी के चक्र में इस मामले को दबा दिया जाएगा।

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टीम धर्म युद्ध
— नीति शर्मा