अल्मोड़ा का स्वर्णिम सितारा: राजेंद्र राणा ने स्पोर्ट्स कोचिंग में की अद्भुत उपलब्धि

अल्मोड़ा के राजेंद्र सिंह राणा ने हरियाणा की प्रतिष्ठित खेल यूनिवर्सिटी में किया टॉप उत्तराखंड का नाम किया रोशन अल्मोड़ा के राजेंद्र सिंह राणा ने राज्य खेल विश्वविद्यालय हरियाणा से PGDSC-क्रिकेट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया। प्रेरणादायक सफलता, दीक्षांत समारोह में सम्मान। CNE REPORTER, ALMORA : देवभूमि की मिट्टी […] The post पहाड़ का गौरव: राजेंद्र राणा बने ‘स्पोर्ट्स कोचिंग’ के सरताज appeared first on Creative News Express | CNE News.

अल्मोड़ा का स्वर्णिम सितारा: राजेंद्र राणा ने स्पोर्ट्स कोचिंग में की अद्भुत उपलब्धि
अल्मोड़ा के राजेंद्र सिंह राणा ने हरियाणा की प्रतिष्ठित खेल यूनिवर्सिटी में किया टॉप उत्तराखंड

अल्मोड़ा का स्वर्णिम सितारा: राजेंद्र राणा ने स्पोर्ट्स कोचिंग में की अद्भुत उपलब्धि

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कम शब्दों में कहें तो, अल्मोड़ा के राजेंद्र सिंह राणा ने हरियाणा के स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने PGDSC-क्रिकेट परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

राजेंद्र राणा, एक ऐसे व्यक्ति जिनका नाम अब खेल जगत में गूंज रहा है, ने यह अद्भुत सफलता हरियाणा के प्रतिष्ठित राज्य खेल विश्वविद्यालय में हासिल की। राणा की मेहनत और समर्पण केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है। इस उपलब्धि पर वे दीक्षांत समारोह में सम्मानित भी हुए।

अल्मोड़ा की पवित्र भूमि से आने वाले राजेंद्र राणा ने खेलों के प्रति अपनी गहरी रुचि को साबित किया है। उनके द्वारा की गई मेहनत और अनुशासन का यह परिणाम है कि उन्होंने न केवल खुद को बल्कि अपने राज्य को भी गर्व महसूस कराया है। यह एक ऐसा क्षण है, जिसे हर उत्तराखंडी को गर्व से देखना चाहिए।

हरियाणा की खेल यूनिवर्सिटी में सफलता की कहानी

राजेंद्र ने अपनी पढ़ाई के दौरान जिस प्रकार के समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाया है, उसे सभी ने पहचाना। हरियाणा के राज्य खेल विश्वविद्यालय ने उन्हें उत्कृष्टता का प्रमाण पत्र प्रदान किया है। इसके अलावा, उनके साथियों और शिक्षकों ने भी उनकी प्रशंसा की है।

उनकी प्रवृत्ति सिर्फ खेलों तक सीमित नहीं है; वे एक अच्छे कोच बनने का सपना भी देखते हैं। राजेंद्र का यह मानना है कि एक अच्छे कोच को न केवल खेल की तकनीक में माहिर होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने छात्रों के मानसिक विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।

प्रेरणादायक उपलब्धियों का सिलसिला

राजेंद्र की यह सफलता एक अभियान को जन्म देती है जिसमें युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया जाता है। उनके अद्वितीय अनुभवों और उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा, "मेरी सफलता का श्रेय मेरे परिवार, शिक्षकों और सभी समर्थकों को जाता है जिन्होंने मुझे हमेशा प्रेरित किया।"

स्पोर्ट्स कोचिंग के क्षेत्र में उनकी नई पहल उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक नया दिशा दिखा रहा है। राजेंद्र का मानना है कि यदि युवा प्लेयर सही मार्गदर्शन और समर्थन प्राप्त करें, तो वे भी बड़े मंच पर अपने राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं।

भविष्य की योजनाएँ

राजेंद्र राणा ने अपने आगे के लक्ष्यों का भी उल्लेख किया। वे चाहते हैं कि उत्तराखंड के सभी युवा प्लेयर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं। इसके लिए, वे खुद को और अपने समुदाय को प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

राजेंद्र का यह सपना केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक विकास का है। उनका कहना है, "मैं चाहता हूँ कि खेलों के माध्यम से हम सब एक दूसरे के और करीब आएं और एक मजबूत समाज का निर्माण करें।"

अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि राजेंद्र सिंह राणा की ये उपलब्धियाँ केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणा हैं।

उनकी अद्वितीय यात्रा से हमें यह सीख मिलती है कि मेहनत, समर्पण और एक दृढ़ सोच से हम किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

राजेंद्र राणा की सफलता पर सभी को गर्व है और हम उन्हें भविष्य में भी ऐसी ही उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।

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टीम धर्म युद्ध, स्नेहा गुप्ता