अल्मोड़ा की कृतिका कांडपाल बनीं स्वर्ण पदक विजेता, राज्यपाल से मिला सम्मान
✍️ सोबन सिंह जीना विवि के प्रथम दीक्षांत में राज्यपाल ने किया सम्मानित सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: मूल रूप से अल्मोड़ा जनपद के मनान क्षेत्रांतर्गत ग्राम ‘भाट नयाल ज्यूला’ और वर्तमान में अल्मोड़ा के मल्ला खोल्टा मोहल्ले की निवासी कृतिका कांडपाल को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया है। यह […] The post अल्मोड़ा: मल्ला खोल्टा की कृतिका कांडपाल बनीं गोल्ड मेडलिस्ट appeared first on Creative News Express | CNE News.
अल्मोड़ा की कृतिका कांडपाल बनीं स्वर्ण पदक विजेता
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कम शब्दों में कहें तो कृतिका कांडपाल, जो अल्मोड़ा जनपद के मल्ला खोल्टा मोहल्ले की निवासी हैं, ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक जीता। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने उन्हें यह सम्मान दिया है, जो उनकी मेहनत और लगन का प्रतीक है।
कृतिका का परिचय
कृतिका कांडपाल, जो मूल रूप से अल्मोड़ा जनपद के 'भाट नयाल ज्यूला' गांव से हैं, ने अपनी शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प ने उन्हें इस सपने को साकार करने में मदद की। वे अपने क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
दीक्षांत समारोह का महत्व
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का यह पहला दीक्षांत समारोह एक ऐतिहासिक अवसर था, जिसमें कई छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करना कृतिका के लिए न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
कृतिका की सफलता का रहस्य
कृतिका की सफलता के पीछे उनका दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत है। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में ज्ञान और कौशल का समावेश है। वे अपने अनुभव के आधार पर यह संदेश देना चाहती हैं कि यदि किसी में सच्ची इच्छा है तो वह किसी भी कठिनाई को पार कर सकता है।
समुदाय का समर्थन
कृतिका के परिवार और समुदाय ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया है। उनके माता-पिता ने हमेशा उनकी शिक्षा पर जोर दिया है और उन्हें यह महसूस कराया है कि वे कहीं भी जा सकती हैं। स्थानीय समुदाय भी उनकी सफलता से प्रेरित है और कृतिका को एक आदर्श मानते हैं।
भविष्य की योजनाएं
कृतिका की दृष्टि केवल एक सफल करियर तक सीमित नहीं है। वे अपनी सफलता का उपयोग समाज सेवा के लिए करना चाहती हैं। उनका सपना है कि वे अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें और एक सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करें।
निष्कर्ष
कृतिका कांडपाल की उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरी अल्मोड़ा के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से हासिल किया गया ज्ञान और सम्मान ही सच्ची सफलता है। हम कृतिका को उनकी आगामी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध - प्रिया शर्मा