अल्मोड़ा में 'रन फॉर रूट्स' मैराथन: स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जड़ों को जोड़ने की सफल कहानी

त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी की ‘रन फॉर रूट्स’ सीएनई रिपोर्टर, पनुवानौला (अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा जनपद के पनुवानौला में त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित ‘रन फॉर रूट्स’ मैराथन का दूसरा सीज़न सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लगभग 7 किलोमीटर लंबी यह मैराथन पनुवानौला से मल्ली धौनी तक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के 100 से अधिक धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग […] The post मैराथन (सीज़न 2) सफल: स्वास्थ्य और जड़ों से जुड़ने का संदेश appeared first on Creative News Express | CNE News.

अल्मोड़ा में 'रन फॉर रूट्स' मैराथन: स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जड़ों को जोड़ने की सफल कहानी

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कम शब्दों में कहें तो, पनुवानौला में त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी की 'रन फॉर रूट्स' मैराथन का दूसरा सीज़न शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 100 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया।

अल्मोड़ा जनपद के पनुवानौला क्षेत्र में त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी ने 'रन फॉर रूट्स' मैराथन का आयोजन किया, जो स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जड़ों के संदेश को फैलाने के लिए आयोजित किया गया। यह मैराथन लगभग 7 किलोमीटर लंबी थी, जो पनुवानौला से मल्ली धौनी तक चली। इस दौड़ में स्थानीय लोगों का उत्साह और सहमति देखने को मिली, जिससे इस आयोजन को एक नया रूप मिला।

इस मैराथन का उद्देश्य

यह मैराथन न केवल एक खेल कार्यक्रम था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और स्थानीय समुदाय को स्वास्थ्य के महत्व और अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूक करना था। आयोजक त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों का मानना है कि यह कार्यक्रम लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

धावकों की भागीदारी

मैराथन में भाग लेने वाले 100 से अधिक धावकों ने उत्साह से अपनी धावन क्षमता का प्रदर्शन किया। इस मौके पर आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, बल्कि समुदाय को एकजुट करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

स्थानीय समुदाय की भूमिका

इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोगों की सक्रिय भागीदारी ने इसे और भी खास बना दिया। स्थानीय युवा, बच्चे और परिवार सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। आयोजकों ने कहा, “हम सभी को स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है, और यह मैराथन उसी दिशा में एक कदम है।”

अंतिम टिप्पणी

इस सफल आयोजन ने ना केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्रवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति भी जागरूक किया है। इसके द्वारा युवाओं को स्वास्थ्य-मित्र बनाना और अपनी जड़ों के महत्व को समझाना संभव हुआ है।

आगामी समय में, त्रिशूल वेलफेयर सोसायटी इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है, ताकि लोग स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संवर्धन के प्रति जागरूक रहें।

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सादर, टीम धर्म युद्ध
नेहा शर्मा