अल्मोड़ा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पुस्तक का भव्य विमोचन

अल्मोड़ा/गोपाल नाथ गोस्वामी। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धर्म जागरण समन्वय संभाग, अल्मोड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली’ पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। […] The post अल्मोड़ा: वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पुस्तक का विमोचन appeared first on Creative News Express | CNE News.

अल्मोड़ा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पुस्तक का भव्य विमोचन
अल्मोड़ा/गोपाल नाथ गोस्वामी। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं व�

अल्मोड़ा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पुस्तक का भव्य विमोचन

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कम शब्दों में कहें तो, अल्मोड़ा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 'भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली' पुस्तक का विमोचन किया गया। यह कार्यकम धर्म जागरण समन्वय संभाग, अल्मोड़ा द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ

अल्मोड़ा की सांस्कृतिक धरोहर पर जोर देते हुए, इस महत्वपूर्ण अवसर को यादगार बनाने के लिए एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसने उपस्थित सभी लोगों में एक अद्भुत ऊर्जा भरी। इस मौके पर आलम था कि सभी ने 'वंदे मातरम' गाते हुए देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया।

पुस्तक विमोचन की विशेषताएँ

इस कार्यक्रम में 'भारतीय ज्ञान परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली' पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपरा के बारे में गहरी जानकारी प्रदान करती है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की विभिन्न पहलुओं को उजागर किया है, जिससे पाठक ज्ञान के प्रति अपने दृष्टिकोण को विस्तारित कर सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट व्यक्ति

कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के प्रमुख प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने वहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस पुस्तक में ज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जो आज के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आधुनिक समाज में ज्ञान की भूमिका

आज के आधुनिक समाज में, जहाँ तकनीकी विकास बहुत तेज़ी से हो रहा है, वहाँ परंपरागत ज्ञान का महत्व भी बढ़ता जा रहा है। 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पुस्तक न केवल ज्ञान के विस्तार की ओर इंगित करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान का स्थान कितना महत्वपूर्ण है।

समापन विचार

इस भव्य कार्यक्रम के माध्यम से अल्मोड़ा ने न केवल 'वंदे मातरम' के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को भी रेखांकित किया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना भरती है और वे अपने सांस्कृतिक धरोहर को समझ पाते हैं।

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यह समाचार टीम धर्म युद्ध की ओर से, सुमन शर्मा द्वारा प्रदर्शित किया गया है।