उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर बबीता पांडे का रहस्यमय गायब होना, ट्रेकिंग एजेंसी का पंजीकरण रद्द
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक पर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई नैनीताल (रामनगर) निवासी 30 वर्षीय बबीता पांडे का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को और अधिक आक्रामक बनाते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों को ड्रोन और खोजी कुत्तों (स्निफर […]
उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर बबीता पांडे का रहस्यमय गायब होना, ट्रेकिंग एजेंसी का पंजीकरण रद्द
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रेक पर 30 वर्षीय बबीता पांडे का लापता होना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने खोज अभियान को बढ़ा दिया है।
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के सुरम्य दयारा बुग्याल ट्रेक पर नैनीताल (रामनगर) की निवासी बबीता पांडे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। 25 मई को अपने दोस्तों के साथ यात्रा पर निकली बबीता का गायब होना अब चौथे दिन भी कोई संदर्भ नहीं दे सका है। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को और अधिक आक्रामक बना दिया है, जिसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस तथा वन विभाग की संयुक्त टीमें शामिल हैं। ड्रोन और शोध कुत्तों का भी उपयोग किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। साथ ही, पर्यटन विभाग ने ट्रेकिंग एजेंसी 'ब्रोमाउंटेन' एवं इसके गाइड का पंजीकरण निरस्थ कर दिया है।
बबीता के लापता होने की पूरी कहानी
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, बबीता 25 मई को अपने दोस्तों के साथ देहरादून पहुंची थी। वहां से उन्होंने गंगोत्री और हर्षिल का भ्रमण किया। 29 मई को बबीता और उसके मित्र दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुए थे और उसी दिन लापता हो गईं।
पुलिस ने शिकायत दर्ज की, अपहरण का मामला
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। बबीता के साथ गए दो मित्रों से हत्या की जानकारी पाने के लिए लगातार पूछताछ की जा रही है।
बबीता के परिवार की व्यथा
बबीता के लापता होने के बाद उसके परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रामनगर में उनके घर का माहौल बेहद गमगीन है। उनकी मां, भाई और दिव्यांग पिता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए। बबीता परिवार की सबसे बड़ी संतान है और वर्तमान में वह MBA की पढ़ाई कर रही थी और पार्ट-टाइम जॉब भी कर रही थी।
बचाव दल की प्रयासों में कोई कसर नहीं
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि बबीता की तलाश के लिए सभी उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता युवती की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
ट्रेकिंग एजेंसी 'ब्रोमाउंटेन' पर प्रतिबंध
यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही बरतने की वजह से जिला प्रशासन ने 'ब्रोमाउंटेन' ट्रेकिंग एजेंसी एवं उसके गाइड पर न सिर्फ तात्कालिक कार्रवाई की है, बल्कि भविष्य में इनके ट्रेकिंग कराने पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।
इस घटना ने पूरे पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। यात्रा पर निकलने से पहले यात्रियों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय प्रशासन के प्रति भी ध्यान आकर्षित करती हैं कि कैसे मानक और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके।
सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए, सभी पर्यटकों को ट्रेकिंग एजेंसियों का चयन करते समय पूर्व अनुभव और रिव्यू की जांच अवश्य करनी चाहिए।
इस समय, हम सभी बबीता पांडे के सुरक्षित लौटने की कामना करते हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लें और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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टीम धर्म युद्ध
स्वेता चौधरी