उत्तराखंड पेंशनर्स की आठ सूत्रीय मांगें, गोल्डन कार्ड योजना की चुनौतियाँ
डायलिसिस फिल्टर और जांच निःशुल्क करने पर जोर सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। उत्तराखंड के राज्य पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर शासन के सामने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। पेंशनर्स संगठनों ने कहा है कि गोल्डन कार्ड योजना के तहत आने वाली दिक्कतों को दूर कर इन मांगों को तत्काल […] The post ‘बुढ़ापे का सहारा बने गोल्डन कार्ड’: उत्तराखंड के पेंशनर्स ने रखीं 8 सूत्रीय माँगे appeared first on Creative News Express | CNE News.
गोल्डन कार्ड: उत्तराखंड के पेंशनर्स की आवाज़
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पेंशनर्स ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आठ महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं।
बागेश्वर: डायलिसिस फिल्टर और स्वास्थ्य जांचों को निःशुल्क करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, उत्तराखंड के राज्य पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर शासन के समक्ष आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। यह मांगें पेंशनर्स संगठनों द्वारा प्रस्तुत की गई हैं, जिन्होंने गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत आने वाली कई दिक्कतों की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।
गोल्डन कार्ड योजना की चुनौतियाँ
गोल्डन कार्ड योजना, जिसे वृद्धजनों और पेंशनर्स का सहारा माना जाता है, कई मुद्दों का सामना कर रही है। पेंशनर्स ने बताया कि इस योजना के तहत पात्रता की समस्याएँ, उन सुविधाओं का न मिलना जो उनके लिए जरूरी हैं, और सेवाओं की गुणवत्ता में कमी जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार से अपील की गई है कि वह इन समस्याओं का त्वरित समाधान ढूंढ़े।
आठ सूत्रीय मांगें
पेंशनर्स ने जिन आठ सूत्रीय मांगों को सामने रखा है, उनमें शामिल हैं:
- डायलिसिस फिल्टर की निःशुल्क व्यवस्था।
- स्वास्थ्य जांचों की निःशुल्क सेवा।
- गोल्डन कार्ड का विस्तार और उसमें मज़बूती लाना।
- बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन।
- महामारी के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग कर नए प्रोटोकॉल लागू करना।
- पेंशनर्स के लिए चिकित्सा सुविधाओं को और सुगम बनाना।
- स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की तैनाती में सुधार।
- पेंशन संबंधी समस्याओं का त्वरित निपटारा।
पेंशनर्स संगठन की राय
पेंशनर्स संगठनों ने इस विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि सरकार से सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान न होने पर पेंशनर्स की जीवन गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में सरकार को गंभीरता से इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।
समापन विचार
गोल्डन कार्ड योजना का लक्ष्य वृद्ध पेंशनर्स और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सरल बनाना था, लेकिन यदि समस्याएँ बनी रहीं तो इसका उद्देश्य अधूरा रहेगा। यह समय है कि राज्य सरकार इस मामले में तात्कालिक कदम उठाए ताकि पेंशनर्स को उनके हक की स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।
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आपकी स्वास्थ्य और जीवन यापन से जुड़ी समस्याओं को सुनने और समाधान ढूंढ़ने की जिम्मेदारी शासन की है।
लेखक: नेहा शर्मा - Team Dharm Yuddh