उत्तराखण्ड में 98 प्रतिशत गणना फ़ार्म वितरण, 12 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन में अग्रणी
*उत्तराखण्ड में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित, 12 प्रतिशत डिजिटाईज* – अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर की दी विस्तृत जानकारी – डिजिटाइज में अल्मोड़ा,पौड़ी, पिथौरागढ़ सबसे आगे देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅ विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय में मीडिया को […]
उत्तराखण्ड में 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरण, 12 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन में अग्रणी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान गणना फार्म का वितरण तेजी से किया गया है, जिसमें 98 प्रतिशत फार्म वितरित हो चुके हैं और 12 प्रतिशत डिजिटाईज किए जा चुके हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने इस विषय में विस्तार से जानकारी दी है।
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बुधवार को सचिवालय के कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 98 प्रतिशत गणना फार्म वितरित हो चुके हैं। जबकि इसके साथ ही 12 प्रतिशत गणना फार्म को डिजिटाइज भी किया गया है।
नियंत्रण में जनपदों की स्थिति
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल के 5 जनपदों में 99 प्रतिशत से अधिक फार्म वितरित हो चुके हैं। वहीं देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत और टिहरी में 97 प्रतिशत फार्म का वितरण किया जा चुका है।
गणना फार्म के डिजिटाइजेशन के मामले में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत, पौड़ी गढ़वाल 25 प्रतिशत, और पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत के साथ प्रमुख स्थान पर हैं, जबकि नैनीताल में 4 प्रतिशत, देहरादून में 7 प्रतिशत, और ऊधमसिंह नगर में लगभग 8 प्रतिशत फार्म डिजिटाइज हुए हैं।
अभियान के नियम और अगली कार्यवाई
डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि सभी जनपदों को इस अभियानों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों द्वारा 22 हजार 900 बूथ लेवल एजेंट की तैनाती कर दी गई है। आज, 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
7 जुलाई तक गणना फार्म के वितरण और संकलन के बाद एक सप्ताह में बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी प्रकार 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे और आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है।
मतदाता की सुविधा के उपाय
डॉ. जोगदण्डे ने यह भी बताया कि मतदान करने वाले लोग ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म ऑनलाइन भर सकते हैं। यह बहुत ही सुविधाजनक फीचर है, जिसमें "बुक ए कॉल विद बीएलओ" का विकल्प है, जिससे मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मतदाता सूची सर्च की जागरूकता
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहाँ मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र के अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा विधान क्षेत्र, नाम के आधार पर खोजने की भी सुविधा प्रदान करती है।
इस अद्भुत अभियान के माध्यम से, उत्तराखण्ड की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए एक मजबूत नींव रखी जा रही है। आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स के उपयोग से इस प्रक्रिया को और भी आकर्षक बनाया गया है।
अभियान के सही दिशा में बढ़ने के लिए सभी नागरिकों को सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है। आपके पास भी यह अवसर है कि आप अपने वोट देने का अधिकार सुनिश्चित करें और इस दिशा में अपना योगदान दें।
यह सूचनाएँ राज्य की चुनाव प्रक्रिया को उच्चतम स्तर तक ले जाने में मदद करेंगी।
हमारी ओर से दी गई जानकारी के लिए धन्यवाद। यदि आप अधिक अपडेट चाहते हैं, तो कृपया https://dharmyuddh.com पर जाएं।
सादर,
टीम धर्म युद्ध, सविता शर्मा