कपसाड़ कांड: पारस सोम को CJM कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
एफएनएन, मेरठ : कपसाड़ कांड में सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले रविवार शाम को पारस सोम को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। यहां से 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण के मामले में पकड़े […] The post कपसाड़ कांड: आरोपी पारस सोम को CJM कोर्ट ने 14 दिन के लिए भेजा जेल appeared first on Front News Network.
कपसाड़ कांड: पारस सोम को CJM कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
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कम शब्दों में कहें तो, कपसाड़ कांड में आरोपी पारस सोम को सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र की कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण से जुड़ा हुआ है।
जिले में बढ़ती हिंसा और अपराधों ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। रविवार शाम को पारस सोम को न्यायालय में सुनवाई के लिए पेश किया गया, जहां से उसे गिरफ्तार कर 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी और शनिवार को दोनों महिला सुनीता और उनकी बेटी रूबी को हरिद्वार से बरामद किया गया था।
बड़ी वारदात का समय और स्थान
कपसाड़ गांव में 20 साल की सुनीता की हत्या और उनकी बेटी के अपहरण की घटना पिछले सप्ताह ने हड़कंप मचा दिया था। पारस सोम, जो एक स्थानीय युवक है, पर आरोप है कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। यह वाकया इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें अनुसूचित जाति की महिला को निशाना बनाया गया, जो समाज में पहले से ही असुरक्षित महसूस करती हैं।
पुलिस की कार्रवाई और न्यायालय की सुनवाई
इस मामले में रविवार को पहली सुनवाई एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में हुई, जहां पहले रूबी को पेश किया गया। पुलिस ने लगभग 50 मिनट तक रूबी का बयान दर्ज किया। इसके बाद पारस को सीजेएम कोर्ट में लाया गया, जहां न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ और चिंताएँ
इस घटनाक्रम के संबंध में स्थानीय समाज में असंतोष देखने को मिल रहा है। कई नागरिकों का मानना है कि यह घटना दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की बानगी है। क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और लोगों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित हो सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के संकेत दिए हैं। हालाँकि, क्या यह कदम समाज में बदलाव लाने का कारण बनेगा, यह देखने वाली बात होगी। सरकार और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर मसले पर क्या कदम उठाते हैं, यह समय बताएगा।
फिलहाल, कपसाड़ कांड ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें सामाजिक न्याय, सुरक्षा और अपराध के प्रति स्थानीय प्रशासन की संवेदनशीलता शामिल हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
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टीम धर्म युद्ध
रश्मि तिवारी