कारगिल विजय दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए सहायता राशि ₹2 करोड़
*मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी* *परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ की जाएगी – मुख्यमंत्री* *कारगिल के अमर शहीदों का त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे : […]
कारगिल विजय दिवस: मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए सहायता राशि ₹2 करोड़
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और परमवीर चक्र विजेताओं के लिए सहायता राशि को 2 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित गांधी पार्क के शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग और वीरता को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना का यह शौर्य दिवस सिर्फ इतिहास में नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि को 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की जाएगी। यह निर्णय उन वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के रूप में उनके बलिदान को मान्यता देने का प्रयास है।
कारगिल युद्ध का महत्व
कारगिल विजय दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कारगिल विजय को भारतीय सेना की अदम्य साहस, समर्पण और उच्च श्रेणी की राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि 18,000 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सैनिकों ने दृढ़ संकल्प और अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया।
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कारगिल युद्ध में भारत के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें से 75 वीर शहीद उत्तराखंड के थे। उन्होंने उत्तराखंड को केवल देवभूमि ही नहीं, वरन वीरभूमि भी बताया, जिसका वीरता का इतिहास पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भारत की सुरक्षा नीति में सुधार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति को मजबूत और आत्मनिर्भर बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की दिशा में उठाए गए कदम नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं।
शहीदों और सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की पहल
राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ा कर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है।
सैन्य धाम का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहा सैन्य धाम राज्य के ‘पांचवें धाम’ के रूप में परिणत होगा। यह धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और शौर्य का प्रेरणास्त्रोत बनेगा।
अग्निवीरों के लिए रोजगार प्रदान करने की योजना
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई ठोस कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ गठित किया जाएगा, साथ ही राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता भी दी जाएगी।
विशेष कार्य और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बलिदानी परिवारों को सरकारी सेवा में समायोजन, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता, और पूर्व सैनिकों की शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में कई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि वे कारगिल के शहीदों की प्रेरणा से देश की सेवा में आगे बढ़ें।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने विचार साझा किए और कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए एक महत्वपूर्ण पल है, जो हमें अपने राष्ट्रीय सेवाओं के प्रति प्रेरित करता है।
इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीदों के परिजन उपस्थित थे।
फिर से, धर्म युद्ध पर अधिक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर जाएं: https://dharmyuddh.com.
सादर,
टीम धर्म युद्ध