कोटद्वार बाबा दुकान विवाद पर बढ़ी सख्ती, SIT जांच के दायरे में आया पूरा प्रकरण
एफएनएन, देहरादून: कोटद्वार ‘बाबा’ दुकान विवाद अब राज्य का ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है. 26 जनवरी को दुकान का नाम बदलने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग ले चुका है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा तक में उठाया है, जिसके […] The post कोटद्वार बाबा दुकान विवाद पर बढ़ी सख्ती, SIT जांच के दायरे में आया पूरा प्रकरण appeared first on Front News Network.
एफएनएन, देहरादून: कोटद्वार ‘बाबा’ दुकान विवाद अब राज्य का ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है. 26 जनवरी को दुकान का नाम बदलने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग ले चुका है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा तक में उठाया है, जिसके बाद ये मामला और अधिक हाई प्रोफाइल हो गया है. यही कारण है कि अब सरकार को इस मामले में जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करना पड़ा. अब इस पूरे मामले की जांच SIT करेगी.
पहले पूरा मामला समझिए: दरअसल, कोटद्वार में बाबा के नाम से कई साल पुरानी स्कूली कपड़ों की दुकान है. बीती 26 जनवरी को कुछ हिंदूवादी संगठन बाबा दुकान पर पहुंचे और मुस्लिम शॉप मालिक को बाबा नाम बदलने को कहा. इस बहस के बीच वहां पर एक व्यक्ति पहुंचता है और कहता है कि ये नाम नहीं बदला जाएगा. इस बात को लेकर उस व्यक्ति की हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं से बहस भी होती है.
हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं जब उस व्यक्ति से उनका नाम पूछते हैं तो अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताता है. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई. शुरुआत में तो ये बहस सामान्य सी लग रही थी, लेकिन बाद में इस मामले ने सोशल मीडिया पर ऐसी रफ्तार पकड़ी कि ये मुद्दा पूरे देश में छा गया. मालूम चला कि युवक का नाम दीपक कुमार है, बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदान के सपोर्ट के लिए उसने अपने नाम में ‘मोहम्मद’ जोड़ा था.
31 जनवरी को बिगड़े हालात: यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन 31 जनवरी को हालात उस समय बदल गए, जब देहरादून और हरिद्वार से विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी कोटद्वार पहुंचे. उन्होंने दीपक के जिम के पास विरोध प्रदर्शन किया. इससे पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया. मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को तितर बितर कर दिया था.
इसी दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो और लाइव प्रसारण ने मामला बढ़ाने का काम किया. इसके बाद उत्तर प्रदेश सहित मैदानी क्षेत्रों से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग दीपक कुमार के समर्थन में कोटद्वार पहुंचने लगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट वीडियो और बयान वायरल होने लगे, जिससे शहर में तनाव का माहौल और गहरा गया. इसके बाद पुलिस ने कोटद्वार में आने जाने वाले लोगों की पहचान रखनी शुरू कर दी.
सीमाओं पर सख्ती: मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया. कोटद्वार के कौड़िया चेक पोस्ट समेत अन्य प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सघन चेकिंग शुरू की गई. पुलिस का फोकस बाहरी लोगों की आवाजाही पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर रहा.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने और भड़काऊ सामग्री साझा करने के प्रयास लगातार सामने आ रहे थे. इसी कारण साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया और कई आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटवाए गए.
शांति की अपील और धीरे धीरे सामान्य होती स्थिति: तनाव के बीच जिला प्रशासन पुलिस और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने लगातार शांति बनाए रखने की अपील की. व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने भी लोगों से संयम बरतने का आग्रह किया. इसके बाद विभिन्न संगठनों ने सोशल मीडिया पर शांति बहाली के संदेश जारी किया, जिसका असर जमीन पर भी देखने को मिला. प्रशासन का दावा है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन संवेदनशील इलाकों में निगरानी जारी है.
अब होगी हर पहलू की जांच: दुकान के नाम को लेकर शुरू हुए विवाद और उसके बाद उपजे तनाव की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. इस टीम का नेतृत्व पुलिस क्षेत्राधिकारी तुषार बोरा को सौंपा गया है.
SIT टीम का ये रहेगा काम: एसआईटी में वरिष्ठ पुलिस उपनिरीक्षक अनिल चौहान, उपनिरीक्षक विनोद कुमार, कमलेश शर्मा और दिनेश चमोली को शामिल किया गया है.
टीम का कार्य केवल घटनास्थल की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट, बाहरी संगठनों की भूमिका, भड़काऊ बयानबाजी और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी.
भड़काऊ बयान पर गिरफ्तारी: मामले में सोशल मीडिया की भूमिका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भड़काऊ बयान देने के आरोप में यति परमानंद सरस्वती उर्फ दीपक बजरंगी को गिरफ्तार कर लिया. एसएसपी के अनुसार उन्होंने समुदाय विशेष को लेकर आपत्तिजनक बयान जारी किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए न केवल वीडियो हटवाया, बल्कि आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या समाज में वैमनस्य फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
राजनीतिक एंगल: कोटद्वार विवाद अब केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है. भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर ने दीपक कुमार से फोन पर बातचीत कर उन्हें समर्थन का भरोसा दिलाया.
शुक्रवार को भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह कोटद्वार पहुंचे और दीपक कुमार से मुलाकात की. इस दौरान दीपक को सम्मानित किया गया और सांसद चंद्रशेखर से उनकी सीधी बातचीत भी कराई गई. चंद्रशेखर ने दीपक को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और संगठन के पदाधिकारियों को उनके साथ खड़े रहने के निर्देश दिए.
झारखंड सरकार की सहायता और दीपक का बयान: इस बीच झारखंड सरकार की ओर से दीपक कुमार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी सामने आई, जिसने मामले को और चर्चा में ला दिया. दीपक ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि वह इस राशि का उपयोग अंकिता भंडारी के परिवार और अन्य गरीब व असहाय लोगों की मदद के लिए करेंगे. उन्होंने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में उनका समर्थन किया और उनका हौसला बढ़ाया.
विधायक ऋतु खंडूड़ी का बयान: घटना के करीब 11 दिन बाद कोटद्वार की विधायक ऋतु खंडूड़ी का भी बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि कोटद्वार में सभी समुदायों के लोग वर्षों से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं. कुछ लोग जानबूझकर बाहर से आकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग इंटरव्यू और बयानबाजी के नाम पर ये समझना मुश्किल कर रहे हैं कि वो शांति स्थापित करने आए हैं या विवाद को और हवा देने. उन्होंने सभी लोगों से आपस में मिलजुलकर रहने की अपील की.
The post कोटद्वार बाबा दुकान विवाद पर बढ़ी सख्ती, SIT जांच के दायरे में आया पूरा प्रकरण appeared first on Front News Network.