खुर्सीपार में शराब भट्टी के खिलाफ कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी, स्थानीय जनसंख्या का तीव्र विरोध जारी
एफएनएन, भिलाई : खुर्सीपार इलाके में शराब भट्टी का विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया है. पार्षद भूपेंद्र यादव और उनके साथी सोमेश्वर राव को पुलिस ने जेल दाखिल कराया है. आपको बता दें कि खुर्सीपार मिनी स्टेडियम के पास नई शराब भट्टी खुलना तय किया गया है.लेकिन स्थानीय […] The post शराब भट्टी का विरोध कर रहे कांग्रेस पार्षद को जेल भेजा, नई जगह पर शिफ्टिंग का हो रहा विरोध appeared first on Front News Network.
खुर्सीपार में शराब भट्टी के खिलाफ कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी, स्थानीय जनसंख्या का तीव्र विरोध जारी
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कम शब्दों में कहें तो, खुर्सीपार इलाके में शराब भट्टी का विरोध कर रहे कांग्रेस के पार्षद भूपेंद्र यादव और उनके साथी सोमेश्वर राव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब प्रशासन ने खुर्सीपार मिनी स्टेडियम के पास एक नई शराब भट्टी खोलने का निर्णय लिया। स्थानीय नागरिक इससे नाखुश हैं और पिछले एक महीने से इसका विरोध कर रहे हैं।
गिरफ्तारी और इसके परिणाम
भूपेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद, स्थानीय निगम की सामान्य सभा को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घटना ने नगर प्रशासन में हलचल मचा दी और नगर पालिका के मेयर नीरज पाल और अन्य कांग्रेस नेता दुर्ग कलेक्टोरेट पहुंचे, जहाँ उन्होंने कलेक्टर अभिजीत सिंह से बैठक की।
पुलिस की कार्रवाई का विवरण
सिटी पुलिस के CSP हेमप्रकाश नायक ने बताया कि पार्षद भूपेंद्र यादव और सोमेश्वर राव को संदिग्ध गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि जब भट्टी खोली गई तो पार्षद और उनके साथी ने वहां अभद्रता की, जिस पर पुलिस ने धारा 151 के तहत कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया।
नए शराब भट्टी का विरोध क्यों?
जो शराब भट्टी पहले खुर्सीपार गेट के पास चल रही थी, उससे आए दिन विवाद होते थे। लोगों ने शिकायत की थी कि इससे सड़क दुर्घटनाएं और अपराध में वृद्धि हो रही थी। इसके चलते प्रशासन ने एक नई जगह, वार्ड नंबर 51 शिवाजी नगर, में दुकान खोलने का निर्णय लिया। लेकिन स्थानीय लोग अब इस नई जमीन पर भी इसका विरोध कर रहे हैं।
सामुदायिक विरोध के तरीके
वार्डवासियों का कहना है कि वे किसी भी हाल में शराब दुकान को नहीं खुलने देंगे। हाल के दिनों में, महिलाओं और बच्चों ने भी इस मामले का विरोध किया है। स्थानीय निवासियों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से अपने विरोध को शांतिपूर्ण ढंग से व्यक्त किया है।
यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है, जहां जन भावना को ध्यान में रखते हुए उपाय किए जाने की आवश्यकता है। स्थानीय निवासियों की एकता और उनके द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देखते हुए, यह स्पष्ट हो रहा है कि यदि प्रशासन ने शीघ्रता से कार्रवाई नहीं की, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
स्थानीय राजनीति और प्रशासन को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए संतोषजनक समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।
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आपके साथ, टीम धर्म युद्ध, प्रियंका कुमारी