गुलदार की बढ़ती सक्रियता: वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
मानव वन्य जीव संघर्ष कम करने को चारा वितरण सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। गुलदार की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए मोतियापाथर अनुभाग के मेरगांव क्षेत्र में वन विभाग ने गश्त तेज कर दी है, साथ ही ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए पशु चारा वितरित कर वनों पर उनकी निर्भरता कम करने की […] The post गुलदार की सक्रियता के बाद वन विभाग का हाई अलर्ट appeared first on Creative News Express | CNE News.
गुलदार की बढ़ती सक्रियता: वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
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कम शब्दों में कहें तो, मोतियापाथर अनुभाग के मेरगांव क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने अपने गश्ती ऑपरेशनों को बढ़ा दिया है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पशु चारा वितरित करने का कार्य शुरू कर दिया है।
गुलदार का खतरा बढ़ता जा रहा है
नैनीताल जिले की मोतियापाथर अनुभाग में हाल ही में गुलदारों की गतिविधियों में वृद्धि हो रही है, जिसके चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो रही है। इस संदर्भ में, वन विभाग ने सुरक्षा उपायों को सख्त करते हुए गश्त के साथ-साथ पशु चारा वितरण की योजना बनाई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखना और उनकी वनों पर निर्भरता को कम करना है।
चारा वितरण का महत्व
चारा वितरण की प्रक्रिया, सरकार की एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है। जब पशुओं के लिए चारा उपलब्ध होगा, तो वे जंगलों में कम समय बिताएंगे, जिससे गुलदारों के साथ टकराव की स्थिति कम होने की संभावना है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा।
गश्ती अभियान को तेज करना
वन विभाग ने मेरगांव क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त को तेज कर दिया है। वनकर्मियों की निगरानी और गश्त के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामीण सुरक्षित रहें और गुलदारों की गतिविधियों का सही समय पर पता लगाया जा सके। इसके अलावा, ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी जानकारी प्रदान की जा रही है ताकि वे जंगली जानवरों से मुकाबला करने में बेहतर तरीके से सक्षम हो सकें।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि चारा वितरण की प्रक्रिया सही ढंग से लागू होती है, तो यह उनकी सुरक्षा के साथ-साथ उनके पशुपालन में भी सहायता करेगा। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में गुलदारों की संख्या में वृद्धि ने उन्हें काफी चिंतित कर दिया था, लेकिन अब उन्हें थोड़ी राहत मिली है।
निष्कर्ष
गुलदार की बढ़ती सक्रियता ने वन विभाग को एक सक्रिय स्थिति में लाने के लिए मजबूर किया है। सरकारी योजनाएँ यदि सही दिशा में कार्यान्वित हों, तो यह न केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करेगी, बल्कि जैव विविधता को भी संरक्षित रखेगी। इस संदर्भ में वन विभाग की कार्रवाई एक सकारात्मक कदम है, जो अपेक्षित सुरक्षा और समर्थन प्रदान कर सकती है।
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Team Dharm Yuddh