ज्योली में स्काउट्स ने सीखी जीवन रक्षक CPR तकनीक, 350 प्रशिक्षणार्थियों ने किया संकल्प
नशे से दूरी का लिया संकल्प CNE REPORTER ALMORA। पंडित गोवर्धन शर्मा इंटर कॉलेज, ज्योली में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के द्वितीय दिन रेड क्रॉस अल्मोड़ा ने एक महत्वपूर्ण पहल की। लगभग 350 प्रशिक्षार्थियों को जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर (CPR) का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। पांच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन […] The post जीवन बचाने की ट्रेनिंग! ज्योली में 350 स्काउट्स ने सीखी CPR तकनीक appeared first on Creative News Express | CNE News.
जीवन बचाने की ट्रेनिंग! ज्योली में 350 स्काउट्स ने सीखी CPR तकनीक
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कम शब्दों में कहें तो, ज्योली के पंडित गोवर्धन शर्मा इंटर कॉलेज में आयोजित स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर में 350 प्रशिक्षार्थियों ने CPR तकनीक सीखी, जो जीवन रक्षक साबित हो सकती है। यह पहल रेड क्रॉस अल्मोड़ा द्वारा की गई थी।
प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य
पंडित गोवर्धन शर्मा इंटर कॉलेज, ज्योली में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जीवन रक्षक तकनीकों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण का यह पहलू विशेष रूप से महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यह न केवल स्काउट्स को जीवन रक्षक तकनीक सिखाता है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है।
रेड क्रॉस का योगदान
रेड क्रॉस अल्मोड़ा ने इस शिविर के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) की विस्तृत जानकारी दी। CPR एक ऐसी तकनीक है जो कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षकों ने बताया कि सही तरीके से CPR का उपयोग करके किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम का प्रभाव
सीपीआर तकनीक का यह प्रशिक्षण युवाओं में आत्मविश्वास और जीवन रक्षक कौशल विकसित करने में सहायक रहेगा। लगभग 350 प्रशिक्षार्थियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया और सभी ने नशे से दूरी बनाने का संकल्प लिया। यह न केवल उनकी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।
सीखने का अनुभव
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले स्काउट्स ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए अत्यधिक लाभकारी रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब किसी को जरूरत पड़ेगी, तो वे इस प्रशिक्षण का उपयोग करके जान बचाने में सक्षम होंगे। यह सीपीआर तकनीक केवल एक चिकित्सा प्रशिक्षण नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, ज्योली में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर न केवल स्काउट्स के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहल है। यह सुनिश्चित करता है कि युवा न केवल शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत हों, बल्कि वे समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकें।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध
सीमा शर्मा