धामी सरकार से किशोर उपाध्याय की अपील, दिल्ली में राजपरिवार की संपत्ति खरीदने की पेशकश
बीजेपी विधायक किशोर उपाध्याय का धामी सरकार से बड़ा आग्रह राजधानी दिल्ली में टिहरी हाउस *टिहरीयत* की आन-बान-शान है। मुझे मीडिया से ज्ञात हुआ कि यह सम्पति विक्रय हेतु उपलब्ध है तो मुख्यमन्त्री Pushkar Singh Dhami जी से अनुरोध किया कि राज्य सरकार का बजट एक लाख ग्यारह हज़ार करोड़ से अधिक है। इस सम्पत्ति […] The post धामी सरकार से किशोर उपाध्याय की अपील, राजपरिवार की पैतृक संपत्ति खरीदने का सुझाव appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
धामी सरकार से किशोर उपाध्याय की अपील, दिल्ली में राजपरिवार की संपत्ति खरीदने की पेशकश
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कम शब्दों में कहें तो, भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय ने धामी सरकार से अनूठी अपील की है कि वह दिल्ली के टिहरी हाउस जैसे महत्वपूर्ण संपत्ति की खरीद पर विचार करे। यह संपत्ति विक्रय के लिए उपलब्ध है, जिसका उपयोग उत्तराखंड के साम्राज्य को सशक्त बनाने के लिए किया जा सकता है।
प्रतिष्ठा और इतिहास की बात
राजधानी दिल्ली में टिहरी हाउस *टिहरीयत* का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है, और इसे उत्तराखंड का प्रतीक माना जाता है। उपाध्याय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया है कि राज्य का बजट एक लाख ग्यारह हजार करोड़ रुपये से अधिक है, और इस संपत्ति को खरीदने का प्राथमिक अधिकार केवल उत्तराखंड का है। यह कदम न केवल टिहरी की पहचान को सुरक्षित रखेगा, बल्कि इस राज्य के साम्राज्य को भी सशक्त करेगा।
साथियों का समर्थन
किशोर उपाध्याय के इस सुझाव का समर्थन विधायक श्री शांतिलाल शाह, श्री सहदेव पुंडीर और अन्य कई सम्मानित विधायकों ने किया है। उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि इस संपत्ति के अधिग्रहण से टिहरी का नाम दिल्ली में और भी मजबूती से बना रहेगा। उपाध्याय ने दुरुस्त भावनाओं के साथ भारत की महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह जी को भी इस संदर्भ में पत्र लिखा है।
राज्य की जिम्मेदारी
राज्य सरकार की इस संपत्ति को खरीदने के पीछे के कारण स्पष्ट हैं। उत्तराखंड केवल एक प्राकृतिक रत्न नहीं है, बल्कि यहां का इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर भी इसकी पहचान हैं। टिहरी हाउस का अधिग्रहण करने से राज्य की सांस्कृतिक पहचान में मजबूती आएगी और इस प्रकार उत्तराखंड के लोग भी गर्व महसूस करेंगे।
आगे की दिशा
इस मामले में आगे बढ़ने के लिए, किशोर उपाध्याय ने सरकार से अपील की है कि वह इस दिशा में तेजी से कदम उठाए। उन्होंने कहा कि कम से कम चार और पंक्तियों में लिखा गया पत्र उन्हें राज्य सरकार को भेजने में मदद करेगा। यह कदम न केवल टिहरी के लिए बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य के लिए बड़ा होगा।
निष्कर्ष
भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय की अपील सरकार के लिए एक अवसर है, जो राज्य के इतिहास को संजोए रखने का काम करेगा। यह कदम उत्तराखंड के संस्कृति के प्रति एक अद्वितीय दृष्टिकोण दिखाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या धामी सरकार इस प्रस्ताव का सकारात्मक उत्तर देती है।
तो आइए, हम सभी की उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। दैनिक अद्यतन और विशेष कहानियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें - धर्म युद्ध.
सादर,
अनामिका शर्मा
टीम धर्म युद्ध