उत्तराखंड में नकली दवा गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने तीन और गिरफ्तार किए
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली दवाइयां बनाने और उन्हें बाजार में खपाने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 16 पहुंच गई है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार जिले […] The post नकली दवा गिरोह पर एसटीएफ का शिकंजा, तीन और गिरफ्तार appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
उत्तराखंड में नकली दवा गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने तीन और गिरफ्तार किए
देहरादून।
कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड की एसटीएफ ने नकली दवाइयों के व्यापार में संलिप्त संगठित गिरोह के खिलाफ जोरदार कार्रवाई की है। हाल ही में तीन और सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, जिससे अब तक इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 16 तक पहुँच गई है। यह कार्रवाई उत्तराखंड में चिकित्सा और स्वास्थ्य प्रणाली को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी नरेश धीमान, गंगनहर क्षेत्र के लोकेश गुलाटी और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद निवासी मोहतरम अली को मंगलवार को उनके घरों पर दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।
नकली दवाइयों का कारोबार
जांच में यह बात सामने आई है कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी नवीन बंसल उर्फ अक्षय, जो राजस्थान का निवासी है, इन तीनों से नामी कंपनियों की हूबहू नकल वाली नकली दवाइयां खरीदता था तथा उन्हें बाजार में सप्लाई करता था। इस कारोबार के चलते स्वास्थ्य के प्रति गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं, जो समाज के लिए कहीं न कहीं खतरनाक साबित हो सकते हैं।
पहले से दर्ज मामले
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि लोकेश गुलाटी के खिलाफ पहले से ही नकली दवाइयों से जुड़ा एक मामला गंगनहर में दर्ज है। इसके अलावा आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण अन्य जिलों और राज्यों में भी किया जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि यह गिरोह विस्तृत नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
खुलासे का क्रम
इस मामले का खुलासा पिछले वर्ष 1 जून को सेलाकुई क्षेत्र में हुई छापेमारी के दौरान किया गया था। उस समय भारी मात्रा में नामी दवा कंपनियों के नकली रैपर, लेबल और क्यूआर कोड बरामद हुए थे। संतोष कुमार नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अपनी एसटीएफ को सौंपी गई।
गिरोह के अन्य सदस्यों की खोज
एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही और गिरफ्तारी हो सकती है। यह तेजी से होने वाली कार्रवाई स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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इस लेख को लिखा है साक्षी जैन, टीम धर्म युद्ध