बागेश्वर की स्नेहा धामी ने राष्ट्रीय विद्यालयी ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जीता सुनहरा पदक

69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन जनपद का नाम किया रोशन सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनपद की होनहार ताइक्वांडो खिलाड़ी स्नेहा धामी ने 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल ताइक्वांडो प्रतियोगिता में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया है। यह जीत न केवल स्नेहा के लिए बल्कि पूरे उत्तराखंड और बागेश्वर जिले के लिए […] The post बागेश्वर की बेटी स्नेहा धामी ने राष्ट्रीय विद्यालयी ताइक्वांडो में जीता ‘स्वर्ण’ appeared first on Creative News Express | CNE News.

बागेश्वर की स्नेहा धामी ने राष्ट्रीय विद्यालयी ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जीता सुनहरा पदक
69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन जनपद का नाम किया रोशन सीएनई रिप�

बागेश्वर की बेटी स्नेहा धामी की ताइक्वांडो में स्वर्णिम जीत

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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर की होनहार ताइक्वांडो खिलाड़ी स्नेहा धामी ने 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे उत्तराखंड और बागेश्वर जिले का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी।

स्नेहा का ऐतिहासिक प्रदर्शन

बागेश्वर की निवासी स्नेहा धामी ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 69वीं विद्यालयी खेल प्रतियोगिता में अद्वितीय प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। इस प्रतियोगिता में शानदार तकनीक और अदम्य साहस के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल की। उनकी यह जीत न केवल व्यक्तिगत गौरव की बात है, बल्कि उत्तराखंड की ताइक्वांडो प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।

प्रतियोगिता का महत्व

राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता, देश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्रदान करती है। इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ना केवल अपने कौशल को निखारने का अवसर मिलता है, बल्कि वे अपने राज्य और जिले का भी नाम रोशन करते हैं। स्नेहा की जीत इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड में खेल के प्रति लगन और समर्पण की कमी नहीं है।

स्नेहा की तैयारी और मेहनत

स्नेहा धामी की इस सफलता के पीछे उनकी कठिन मेहनत और निरंतर अभ्यास छिपा है। उन्होंने कई महीनों तक तैयारी की, कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और विश्वस्तरीय प्रशिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। उनकी माँ, जो खुद खेल को लेकर बहुत समर्पित हैं, ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समुदाय का समर्थन

स्नेहा को बागेश्वर का समुदाय, परिवार और मित्रों का भरपूर समर्थन मिला। जलसेना के स्थानीय खेल संगठनों और कोचों ने उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह से सामुदायिक समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया।

उत्तरी भारत के लिए उम्मीद की किरण

स्नेहा की जीत ने यह साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। यह युवा खिलाड़ियों के लिए उम्मीद की किरण है और दिखाता है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य से भी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।

यह उपलब्धि स्नेहा के लिए एक नए सफर की शुरुआत है और उम्मीद की जाती है कि वह आने वाले समय में भी ऐसी ही सफलताएँ हासिल करती रहेंगी।

निष्कर्ष

स्नेहा धामी की स्वर्ण पदक जीत ने ना केवल उनके परिवार बल्कि समस्त बागेश्वर को गर्वित किया है। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से प्रेरित होकर अन्य युवा खिलाड़ी भी खेलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। खेल क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियों से यह साबित होता है कि प्रतिभा और मेहनत के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

इस महान अवसर को देखते हुए हम सभी को उन्हें बधाई देने और उनके सफर को आगे बढ़ाने में सहयोग देने का प्रयास करना चाहिए।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
- साक्षी रावत