बागेश्वर के ‘टाइगरों’ ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो में रच दिया इतिहास, जीते 11 पदक
झटके 11 पदक; 4 स्वर्ण से देश में बजा डंका! CNE REPORTER – बागेश्वर, उत्तराखंड। सीमित संसाधनों के बावजूद, पहाड़ी जिले बागेश्वर के जाबांज़ ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पंजाब के जालंधर में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने अब तक का अपना […] The post धमाकेदार एंट्री! बागेश्वर के ‘टाइगरों’ ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो में रचा इतिहास appeared first on Creative News Express | CNE News.
बागेश्वर के ‘टाइगरों’ ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो में रच दिया इतिहास
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने जालंधर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने अद्वितीय प्रदर्शन से 11 पदक जीते। यह उपलब्धि न केवल उनके कठोर परिश्रम को दर्शाती है, बल्कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी प्रतिभा को भी उजागर करती है।
उत्ताराखंड का पहाड़ी जिला बागेश्वर, जिसने हमेशा प्रतिभाओं को तैयार किया है, इस बार अपने ताइक्वांडो खिलाड़ियों के कारण सुर्खियों में है। पंजाब के जालंधर में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में, बागेश्वर के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक, जिसमें चार स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतकर देश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रतियोगिता का संक्षिप्त विवरण
जहाँ एक तरफ देशभर के ताइक्वांडो खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे थे, वहीं बागेश्वर के टाइगरों की चिंता केवल परिणाम प्राप्त करने से नहीं थी, बल्कि अपनी क्षमता और कौशल को साबित करने की थी। इन खिलाड़ियों ने दिखाया कि पैसों और संसाधनों की कमी कभी भी समझौता नहीं कर सकती, बशर्ते कि इच्छाशक्ति मजबूत हो।
खिलाड़ियों की सहायता और प्रशिक्षण
स्थानीय ताइक्वांडो संघ और प्रशिक्षकों ने बागेश्वर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रतिबंधित संसाधनों के बावजूद, नियमित अभ्यास और प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने का प्रयास हमेशा प्राथमिकता में रहा है। विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों के माध्यम से इन खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी कौशल को निखारा।
इनाम और समर्थन
इनकी इस सफलता ने स्थानीय प्रशासन और खेल संघों का ध्यान आकर्षित किया है, जो अब इन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व संसाधनों की उपलब्धता करवाने का आश्वासन दे रहे हैं। क्यूंकि वे जानते हैं कि अगर सही समर्थन मिला, तो ये युवा खिलाड़ी भविष्य में और भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।
बागेश्वर की खेल संस्कृति
बागेश्वर में खेलों के प्रति लगाव, ऐतिहासिक रूप से काफी गहरा रहा है। यह क्षेत्र हर प्रकार के खेलों के लिए जाना जाता है, लेकिन ताइक्वांडो ने निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुआ है। आने वाले समय में, अगर इस खेल को सही प्लेटफार्म और अवसर मिले, तो हम बागेश्वर से और भी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभरते हुए देख सकते हैं।
समापन टिप्पणियाँ
इस प्रकार, बागेश्वर के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने अपनी प्रेरणादायक उपलब्धियों से राजस्थान में न केवल अपना नाम रोशन किया है, बल्कि आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए हैं। इस सफलता से निश्चित रूप से बागेश्वर में खेलों का माहौल और भी ऊर्जावान बनेगा।
अधिक अपडेट्स के लिए, हमारी वेबसाइट Dharm Yuddh पर जाएँ।
Team Dharm Yuddh - सुमन कुमारी