बिल्डर शाश्वत गर्ग और पत्नी साक्षी का पासपोर्ट निरस्त, निवेशकों का विश्वास चुराने का मामला
राजधानी में आवासीय परियोजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये समेटकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग के खिलाफ अब क़ानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय ने दोनों के पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई उन निवेशकों की शिकायतों के बाद की […] The post बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी का पासपोर्ट निरस्त, अब कागज का टुकड़ा रह गया पासपोर्ट appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
बिल्डर शाश्वत गर्ग और पत्नी साक्षी का पासपोर्ट निरस्त, निवेशकों का विश्वास चुराने का मामला
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कम शब्दों में कहें तो, राजधानी दिल्ली में आवासीय परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये लगाकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसा जा रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय ने दोनों के पासपोर्ट तुंरत प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। यह कदम उन निवेशकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया गया है जिन्होंने गर्ग दंपती की परियोजनाओं में अपने पैसे का निवेश किया था।
शिकायतों का प्रभाव और पासपोर्ट निरस्तीकरण
बिल्डर शाश्वत गर्ग ने मसूरी रोड स्थित ‘आर्केडिया हिलाक्स’ और थानो क्षेत्र की ‘इंपीरियल वैली’ में निवेशकों से मोटी रकम उठाई थी। जब निवेशकों ने पैसे लौटाने की गुहार लगाई, तो उनकी शिकायते निरस्त हुईं। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए, पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी विजय शंकर पांडे ने पहले नोटिस जारी किया, लेकिन दंपती ने किसी भी समय इसके जवाब में कुछ नहीं कहा।
गायब परिवार की पहचान
गर्ग परिवार, जिसमें शाश्वत, पत्नी साक्षी, बेटा रिद्वान, पिता प्रवीण और मां अंजली शामिल हैं, 17 अक्टूबर से लापता हैं। आखिरी बार परिवार को हापुड़ में साक्षी के भाई सुलभ गोयल के घर पर देखा गया था। इसके बाद से सभी के मोबाइल बंद हैं और कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही।
पुलिस और रेरा की कार्रवाई
अब इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है जिसमें गर्ग परिवार, उनके सहयोगियों और कुछ वित्तीय संस्थानों के नाम शामिल हैं। साथ ही रेरा ने भी इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट में लेन-देन पर रोक लगाई है। इस पूरे प्रकरण ने अब आपराधिक रूप ले लिया है।
विदेश भागने के संकेत
हाल में सामने आई रिपोर्टों में यह पता चला है कि शाश्वत गर्ग ने मुंबई के रास्ते नेपाल का रुख किया। इमिग्रेशन रिकॉर्ड बताते हैं कि 22 अक्टूबर को शाश्वत और साक्षी ने रॉयल नेपाल एयरलाइंस की उड़ान ली। यह यात्रा उनकी गायब होने के चंद दिनों बाद हुई है।
एनओसी की बाधा
भारत और नेपाल के बीच की विशेष संधि के तहत भारतीय नागरिकों को तीसरे देश के लिए नेपाल से यात्रा करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की जरूरत होती है। सूत्रों का कहना है कि शाश्वत गर्ग का एनओसी अभी भी होल्ड पर है, जिससे उनकी विदेश यात्रा की संभावनाएं कम हो गई हैं।
निवेशकों की सक्रियता
निवेशकों ने स्वंय भी शाश्वत की खोज शुरू की है। उन्होंने काठमांडू के कई फाइव-स्टार होटलों में संपर्क किया, लेकिन असफल रहे। कुछ निवेशक नेपाल पहुँच गये और स्थानीय पुलिस के साथ कई होटलों की जांच की, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
संभवत: आर्थिक अपराध का महत्वपूर्ण मामला
इस मामले ने अब केवल रियल एस्टेट धोखाधड़ी का रूप नहीं लिया है, बल्कि यह एक गंभीर आर्थिक अपराध और फरारी का उदाहरण भी बनता जा रहा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जांच एजेंसियां जल्द ही शाश्वत गर्ग और उनकी पत्नी की लोकेशन की पहचान करेंगी ताकि निवेशकों की चुराई गई राशि का हिसाब लगाया जा सके।
निवेशकों का विश्वास इस समय काबू में है और वे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। अब यह देखना है कि कानून व्यवस्था की ये कार्रवाइयां इस मामले में क्या मोड़ लाती हैं।
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सादर, टीम धर्म युद्ध (स्नेहा वर्मा)