भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर नई दिशा: डीएम सविन बंसल का अद्भुत इंटेंसिव केयर सेंटर
देहरादून। जिला अधिकारी सविन बंसल की प्रेरक पहल और मुख्यमंत्री के विज़न “शिक्षा से जीवन उत्थान” के तहत जिला प्रशासन द्वारा संचालित राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर सड़क पर घूमने वाले और भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रहा है। चाइल्ड फ्रेंडली संरचना और विशेषज्ञ शिक्षकों की सुविधाओं से […] The post भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर कदम – डीएम सविन बंसल का आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बना मिसाल… appeared first on Pahadi Khabarnama पहाड़ी खबरनामा.
भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर नई दिशा: डीएम सविन बंसल का अद्भुत इंटेंसिव केयर सेंटर
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में जिला अधिकारी सविन बंसल की प्रेरणादायक पहल ने सड़क पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों के लिए एक नया आसमान खोला है। मुख्यमंत्री के विज़न "शिक्षा से जीवन उत्थान" के अंतर्गत, राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर शुरू किया गया है। यह केंद्र केवल भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों के लिए एक आश्रय नहीं है, बल्कि यह उन्हें भविष्य के निर्माण के लिए शिक्षा और प्रेरणा भी प्रदान करता है।
एक अनूठी शुरुआत
जिला प्रशासन की इस पहल ने दिखा दिया है कि यदि हमारी सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया जाए, तो हम समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। इस केंद्र की स्थापना से न केवल भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को पुनर्वास का अवसर मिल रहा है, बल्कि उन्हें एक उचित शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में भी बढ़ाया जा रहा है।
चाइल्ड फ्रेंडली संरचना
इस इंटेंसिव केयर सेंटर में चाइल्ड फ्रेंडली संरचना को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहाँ पर विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षा दी जाती है, जिससे उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग किया जा सके। यह संस्थान संरक्षक और शिक्षकों की टीम के माध्यम से बच्चों को मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की सहायता प्रदान करता है।
सामाजिक परिवर्तन का माध्यम
DM सविन बंसल की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा केवल एक विषय नहीं है, बल्कि यह समाज में व्यापक परिवर्तन का माध्यम है। इस इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से, बच्चे सामाजिक भेदभाव और आर्थिक कठिनाइयों से बाहर निकलने का मार्ग खोज रहे हैं। यहाँ उन्हें केवल शिक्षा नहीं, बल्कि उनके आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास और भविष्य का निर्माण करने का भी अवसर मिलता है।
सरकार का सहयोग
मुख्यंत्री के विज़न के तहत, इस परियोजना को चाहिए का भरपूर सहयोग मिल रहा है। सरकार ने इस केंद्र के लिए आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है, जिससे बच्चे न केवल शिक्षा प्राप्त कर सकें, बल्कि उनके संपूर्ण विकास का भी ध्यान रखा जाए।
समुदाय की भूमिका
इसके अलावा, समाज के विभिन्न वर्गों की भी इस पहल में सक्रिय भागीदारी रही है। स्थानीय नागरिकों से लेकर सामाजिक संगठनों ने यह सुनिश्चित किया है कि केंद्र का सही उपयोग हो सके और बच्चों को यहाँ पर शिक्षा के साथ-साथ जीवन का सही मार्गदर्शन भी मिल सके।
भविष्य की दिशा
इस अनुकरणीय पहल के पीछे डीएम सविन बंसल की सोच और दृष्टिकोण समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस तरह की परियोजनाएं केवल आज के लिए नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।> उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चे को एक उज्ज्वल भविष्य मिले, और इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।”
जिला प्रशासन की यह पहल वास्तव में एक मिसाल कायम करने का कार्य कर रही है, जो हमें यह याद दिलाती है कि शिक्षा और देखभाल दोनों ही बच्चों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
इस प्रकार, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों के लिए इस आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का उद्घाटन भविष्य में देश में सामाजिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा, ऐसे केंद्रों के माध्यम से हम यह सीखते हैं कि कैसे मानवीय दृष्टिकोण और सरकारी नीतियों का संगम एक सकारात्मक प्रभाव ला सकता है।
अधिक जानकारी एवं अपडेट के लिए, हमारे वेबसाइट https://dharmyuddh.com पर जाएं।
सादर, टीम धर्म युद्ध
- रेणुका पांडे