महिला के पेट से निकला डेढ़ किलो बालों का गुच्छा, रक्सौल के एसआरपी हॉस्पिटल में सफल सर्जरी

सोहराब आलम/मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के लक्ष्मीपुर इलाके में बने एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक बेहद दुर्लभ और

महिला के पेट से निकला डेढ़ किलो बालों का गुच्छा, रक्सौल के एसआरपी हॉस्पिटल में सफल सर्जरी
सोहराब आलम/मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के लक्ष्मीपुर इलाके में बने एसआरपी मेमोरिय

महिला के पेट से निकला डेढ़ किलो बालों का गुच्छा, रक्सौल के एसआरपी हॉस्पिटल में सफल सर्जरी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

कम शब्दों में कहें तो, एक महिला के पेट से डेढ़ किलो बालों का गुच्छा निकालने में सफलता मिली है। यह अनोखी घटना रक्सौल के एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल में हुई है, जहां चिकित्सीय टीम ने एक जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया। घटना की जानकारी सोहराब आलम ने प्रदान की है।

असामान्य चिकित्सा स्थिति

सोहराब आलम/मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के लक्ष्मीपुर इलाके में बने एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल में हाल ही में एक बेहद दुर्लभ स्थिति सामने आई। स्थानीय महिला, जिसने कई महीनों से स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया, उसके पेट में डेढ़ किलो बालों का गुच्छा पाया गया। यह स्थिति चिकित्सा समुदाय के लिए चिंता का विषय थी।

ऑपरेशन का संचालन

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपातकालीन सर्जरी की तैयारी शुरू की। महिला की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सफल ऑपरेशन के बाद, महिला की हालत तेजी से बेहतर हुई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि यह घटना बहुत ही असामान्य है और इसे 'ट्रिचोफेजिया' के रूप में जाना जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने बालों को खींचता है और उन्हें अपने पाचन तंत्र में जमा कर लेता है।

चिकित्सा दल की प्रशंसा

अस्पताल के प्रमुख सर्जन ने बताया कि इस तरह की सर्जरी करने में अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। उन्होंने इस ऑपरेशन में शामिल सभी डॉक्टरों और नर्सों की प्रशंसा की। उनका मानना है कि यह सर्जरी न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण थी, बल्कि मरीज के स्वास्थ्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम थी।

सामुदायिक जागरूकता

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा दिया। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। ऐसी ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेने की भी आवश्यकता है।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल चिकित्सा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थी, बल्कि यह समाज में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को भी उजागर करती है। रक्सौल के एसआरपी हॉस्पिटल ने एक सफलता की कहानी लिखी है, जो यह दर्शाती है कि सही समय पर सही उपचार से कैसे किसी की जान बचाई जा सकती है।

यदि आप इस तरह की और अपडेट चाहते हैं, तो कृपया हमारे वेबसाइट https://dharmyuddh.com पर जाएं।

आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी असामान्य स्थिति पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

सादर, टीम धर्म युद्ध - अनामिका शर्मा