राजकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक मनाया गया सेफर इंटरनेट डे–2026

देहरादून:  राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) उत्तराखंड द्वारा विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के सहयोग से 10 फरवरी 2026 को विभिन्न राजकीय विद्यालयों में “सेफर इंटरनेट डे–2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, डीपफेक और ए.आई. के दुरुपयोग से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। यह […] The post राजकीय विद्यालयों में मनाया गया सेफर इंटरनेट डे–2026 appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

राजकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक मनाया गया सेफर इंटरनेट डे–2026

राजकीय विद्यालयों में सफलतापूर्वक मनाया गया सेफर इंटरनेट डे–2026

देहरादून: 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) उत्तराखंड ने विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के सहयोग से विभिन्न राजकीय विद्यालयों में “सेफर इंटरनेट डे–2026” का आयोजन किया। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों को सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विशेष रूप से साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, डीपफेक जैसे मुद्दों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) के दुरुपयोग से बचाव के उपाय भी बताए गए।
कम शब्दों में कहें तो, यह आयोजन डिजिटल युग में इंटरनेट के सही और सुरक्षित उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था, जिसमें लगभग 30,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की विशेषताएँ

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, डेटा गोपनीयता, फ़िशिंग, और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे खतरों से सतर्क रहने के लिए सलाह दी। विद्यार्थियों को cybercrime.gov.in पर जाकर और टोल फ्री नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इस सेफर इंटरनेट डे का आयोजन न केवल देहरादून के राजपुर रोड एवं रायपुर के राजकीय विद्यालयों में बल्कि वर्चुअल तरीके से प्रदेश भर के अन्य विद्यालयों में भी हुआ।

इंटरनेट की सुरक्षा: एक जरूरी समझ

आज की डिजिटल दुनिया में इंटरनेट का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। बच्चों और युवा पीढ़ी के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय जागरूकता और सावधानी बरतें। ऐसे आयोजन ही बच्चों को उनके अधिकारों और दायित्वों के प्रति सजग करते हैं।

इंटरनेट से जुड़ी समस्याएँ समय-समय पर बढ़ती जा रही हैं और इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों को साथ मिलकर बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल पर्यावरण तैयार करना चाहिए।
सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे ऑनलाइन सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत सूचित करें।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल सूरज के प्रकाश में सुरक्षित रहने का है, बल्कि यह बच्चों को उनके सर्वांगीण विकास का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।

अंत में, ऐसा लगता है कि इस आयोजन ने सभी छात्रों को जोड़ा और एक सकारात्मक जागरूकता का माहौल तैयार किया। आइए, हम सभी मिलकर बच्चों की सुरक्षा के इस प्रयास में योगदान दें।

इस आयोजन के बारे में और अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे पोर्टल Dharm Yuddh पर जाएँ।

सादर,
टीम धर्म युद्ध