शारदा कॉरिडोर: श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का एक नया अध्याय
लोगों की भावना के अनुरूप हो निर्माण कार्य- मुख्यमंत्री शारदा कॉरिडोर बनेगा श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की परियोजना की समीक्षा। शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना के लिए लगभग 3300 करोड़ प्रस्तावित । मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैम्प कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की […] The post शारदा कॉरिडोर बनेगा श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
शारदा कॉरिडोर: श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का एक नया अध्याय
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कम शब्दों में कहें तो, शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना, उत्तराखंड में विकास की नई राहों को खोलने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस परियोजना पर चर्चा की और बताया कि इसका उद्देश्य जनता की भावनाओं और स्थानीय आस्था के अनुसार कार्य करना है।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड में आयोजित बैठक में शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों की अपेक्षाओं के अनुसार होना चाहिए। इस परियोजना के लिए कुल 3300 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश किया गया है।
शारदा कॉरिडोर का उद्देश्य
इस विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य टनकपुर के क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक, व पर्यटन दृष्टि से विकसित करना है। लगभग 200 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल होगा, जिससे यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से भी समृद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
बैठक में, मुख्यमंत्री ने 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इनमें प्रमुख कार्य शामिल हैं:
- शारदा घाट का पुनर्विकास
- सिटी ड्रेनेज प्लान
- रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार
- बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास
- माउंटेन बाइक ट्रेल का निर्माण
- बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास
- श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण
- शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान
- एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए डिज़ाइन और ढाँचा स्थानीय संस्कृति के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए।
भविष्य की योजनाएं
सिर्फ शारदा कॉरिडोर परियोजना तक सीमित नहीं, मुख्यमंत्री ने लोहाघाट में विवेकानंद सर्किट का विकास और माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की भी योजनाएं बताईं। इसके अलावा, क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने और शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” की स्थापना करने की तैयारी भी है।
स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
धामी ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी और जनजीवन स्तर में सुधार होगा। यह परियोजना टनकपुर के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
सूचना का संकलन
बैठक में दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार और अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी रही।
इस परियोजना का विकास उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इसके उद्घाटन के बाद, यह क्षेत्र पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इन सबके बीच, जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उम्मीद की जा रही है कि यह परियोजना 3300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ टनकपुर शहर को एक नई पहचान देगी।
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सादर, टीम धर्म युद्ध