सावधान! आपके घर में डिजिटल ठग बना सकते हैं आपको ‘कैदी’

देहरादून के बुजुर्ग दंपति से ₹12.80 लाख की ठगी CNE REPORTER, देहरादून: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई आपको आपके ही घर में 6 दिनों तक बंधक बना ले, और वह भी बिना सामने आए? देहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर एक बुजुर्ग दंपति के साथ यही खौफनाक खेल खेला गया। साइबर ठगों ने […] The post सावधान! आपके ही घर में आपको ‘कैदी’ बना सकते हैं ये डिजिटल ठग appeared first on Creative News Express | CNE News.

सावधान! आपके घर में डिजिटल ठग बना सकते हैं आपको ‘कैदी’
देहरादून के बुजुर्ग दंपति से ₹12.80 लाख की ठगी CNE REPORTER, देहरादून: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई आपको आ

सावधान! आपके घर में डिजिटल ठग बना सकते हैं आपको ‘कैदी’

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में बुजुर्ग दंपति के साथ हुई 12.80 लाख रुपये की ठगी ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या तकनीक हमें सुरक्षित रखने में मदद कर रही है या फिर इसके दुरुपयोग में हमारा जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।

देहरादून के शांत सहस्त्रधारा रोड पर एक बुजुर्ग दंपति का खौफनाक अनुभव सामने आया है। एक साइबर ठग ने उन्‍हें फोन पर धोखे से अपने ही घर में 6 दिनों तक बंधक बना लिया। यह एक ऐसा मामला है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम कितने सुरक्षित हैं।

घटनाक्रम की विस्तार में जानकारी

इस खौफनाक घटना की शुरुआत तब हुई जब बुजुर्ग दंपति ने किसी अज्ञात नंबर से एक फोन कॉल प्राप्त की। ठग ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी का कोई मामला चल रहा है, जिससे पीछा छुड़ाने के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने की आवश्यकता है। बुजुर्ग दंपति ने डर के मारे ठग की बात मान ली और ₹12.80 लाख का भुगतान कर दिया।

आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग

इस मामले ने यह दिखाया है कि किस तरह साइबर ठग संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं। आज के समय में इंटरनेट और टेक्नॉलाजी का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही इसके दुरुपयोग की भी संभावनाएँ बढ़ रही हैं। ठगों ने अपने शिकार को इस तरह मानसिक रूप से दबाव में डाला कि वे केवल उनके कहे अनुसार ही कार्रवाई करने लगे। इसके पीछे एक बडी साइबर नेटवर्किंग हो सकती है।

क्या है इसके साक्ष्य?

पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए उन सभी फोन नंबरों और बैंक स्टेटमेंट्स को खंगालना शुरू कर दिया है जो ठगी में इस्तेमाल हुए थे। साइबर क्राइम सेल को भी इस मामले में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि ठगों का यह गुट व्यापक स्तर पर काम कर रहा है।

सावधान रहने के तरीके

इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूक रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है। यहां कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:

  • कभी भी अनजान नंबर से आए कॉल्स का उत्तर न दें।
  • धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
  • अपने बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
  • सोशल मीडिया पर अपने व्यक्तिगत जीवन की जानकारी साझा करने से बचें।

निष्कर्ष

हाल की इस घटना ने यह साबित किया है कि डिजिटल ठग किसी के भी घर में घुसकर उन्हें ‘कैदी’ बना सकते हैं। तकनीक के इस समय में जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसी पर निर्भर करते हुए हमें अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की प्राथमिकता देनी चाहिए। आइए हम सभी मिलकर इस खतरनाक डिजिटल प्रकोप का सामना करें।

अधिक जानकारी के लिए, विजिट करें धर्म युद्ध.

सादर,
टीम धर्म युद्ध
(साक्षी शर्मा)