Nari Shakti वंदन सत्र: कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया, राजनीतिक विवाद गहराया

एफएनएन, देहरादून : Nari Shakti उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुलाई गई विशेष विधानसभा बैठक को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आलोक शर्मा ने इस एक दिवसीय सत्र को जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार पर आरोप लगाया कि […]

Nari Shakti वंदन सत्र: कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया, राजनीतिक विवाद गहराया
एफएनएन, देहरादून : Nari Shakti उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुलाई गई विशेष विधानस�

Nari Shakti वंदन सत्र पर सियासत तेज, कांग्रेस ने बताया ‘नौटंकी’

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन देने के लिए बुलाई गई विधानसभा की विशेष बैठक ने राजनीति का नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस ने इसे खर्चीला और दिखावटी करार दिया है।

एफएनएन, देहरादून: Nari Shakti अधिनियम के समर्थन में हाल ही में एक विशेष विधानसभा सत्र का आयोजन किया गया, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद तेजी से बढ़ रहा है। आलोक शर्मा ने एक दिवसीय इस सत्र को जनता के धन की बर्बादी बताते हुए सरकार पर जोरदार हमला किया है। उनके अनुसार, यह सत्र एक राजनीतिक दिखावा है जो केवल केंद्र सरकार की इच्छा को पूरा करने के लिए बुलाया गया है।

सत्र पर खर्च को लेकर उठे सवाल

आलोक शर्मा ने पुष्कर सिंह धामी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सत्र पर 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का कोई औचित्य नहीं है। यह खर्च केवल सत्ताधारी पार्टी के अपने राजनीतिक मिजाज को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है। इतना बड़ा खर्च एक दिन के सत्र के लिए उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

महिला आरक्षण पर उठे मुद्दे

कांग्रेस के प्रवक्ता ने दावा किया कि जब तक 73वें और 74वें संविधान संशोधन से जुड़े मुद्दों को पूरी तरह से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक महिला आरक्षण जैसे प्रयास अधूरे रहेंगे। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से महिला सशक्तिकरण का काम नहीं होगा, बल्कि इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार के राजनीतिक उपयोग का आरोप

आलोक शर्मा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ही संसद का राजनीतिक उपयोग किया जा चुका है और अब राज्य सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे साफ है कि सरकार के इरादे गंभीर नहीं हैं और यह केवल एक राजनीतिक दिखावे तक सीमित है।

महिला अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस की चिंता

कांग्रेस का कहना है कि जब तक अंकिता भंडारी को उचित न्याय नहीं मिलता, तब तक महिला अधिकारों की बात करना उचित नहीं है। यह समस्याएं गंभीर हैं और इन पर प्राथमिकता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

सरकार से सहयोग की पेशकश

आलोक शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व देने का पक्षधर रही है। यदि सरकार इस दिशा में गंभीर पहल करती है, तो कांग्रेस पार्टी उस सहयोग के लिए तैयार है।

इस प्रकार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का यह विशेष सत्र न केवल राजनीतिक विवादों का केंद्र बन रहा है, बल्कि यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के दृष्टिकोण में कितनी भिन्नताएँ हैं।

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नीतू शर्मा, Team Dharm Yuddh