Tamil Nadu सरकार ने RTI से कानून-व्यवस्था विभाग को बाहर करने का आदेश लिया वापस, विरोध के बाद बड़ा फैसला
एफएनएन, चेन्नई : Cheenai में तमिलनाडु सरकार ने पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर रखने वाला आदेश वापस ले लिया है। सरकार ने यह फैसला आदेश को लेकर राजनीतिक दलों और पारदर्शिता की वकालत करने वाले लोगों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया। […]
एफएनएन, चेन्नई : Cheenai में तमिलनाडु सरकार ने पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर रखने वाला आदेश वापस ले लिया है। सरकार ने यह फैसला आदेश को लेकर राजनीतिक दलों और पारदर्शिता की वकालत करने वाले लोगों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया।
मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की ओर से 21 सितंबर को जारी अधिसूचना में RTI अधिनियम की धारा 24(4) के तहत पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को ‘इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन’ के तौर पर अधिसूचित किया गया था। इससे विभाग को RTI के सामान्य दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया था।
किन जानकारियों को लेकर हुआ था विवाद
जारी किए गए आदेश के तहत कानून-व्यवस्था से जुड़े कई विषयों की जानकारी RTI के जरिए हासिल करने पर रोक लगने की बात सामने आई थी। इनमें पुलिस कार्रवाई, हिरासत में मौत, पुलिस प्रताड़ना, पुलिस फायरिंग, सांप्रदायिक और जातीय घटनाओं तथा राजनीतिक और छात्र आंदोलनों से जुड़े मामले शामिल थे।
इसी को लेकर आदेश के बाद राजनीतिक स्तर पर विरोध शुरू हुआ और सरकार पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए।
सहयोगी दलों ने भी उठाए सवाल
सरकार के शुरुआती फैसले पर उसके सहयोगी दलों की ओर से भी आपत्ति जताई गई। VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने आदेश को लेकर चिंता जाहिर करते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस फैसले पर सवाल उठाया था। उन्होंने तर्क दिया था कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में RTI के जरिए जानकारी तक पहुंच सीमित होने से पुलिस कार्रवाई और हिरासत से जुड़े रिकॉर्ड हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
इन बयानों के बाद सरकार ने अपने पहले के आदेश को वापस लेने का फैसला किया।
सरकार ने जारी किया नया आदेश
तमिलनाडु सरकार ने 27 सितंबर को नया आदेश जारी कर 21 सितंबर के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसके जरिए पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को RTI अधिनियम से छूट दी गई थी। इसके साथ ही विभाग को RTI के सामान्य दायरे से बाहर रखने का फैसला प्रभावी नहीं रहा।
RTI अधिनियम क्या है?
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों के नियंत्रण में मौजूद सूचनाओं तक पहुंच का कानूनी अधिकार देता है। हालांकि RTI कानून में कुछ सूचनाओं और संगठनों के लिए निर्धारित परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी है।
धारा 24 के तहत खुफिया और सुरक्षा संगठनों को सामान्य RTI प्रावधानों से छूट दी जा सकती है। हालांकि इस प्रावधान में भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों के लिए अलग प्रावधान मौजूद हैं।
विरोध के बाद बदला फैसला
तमिलनाडु सरकार का पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को RTI से बाहर रखने का फैसला लागू होने के कुछ ही समय बाद वापस ले लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद अब कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में RTI के तहत सूचना हासिल करने की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।