अकरम एनकाउंटर मामला: डीएम द्वारा मजिस्ट्रियल एवं पुलिस जांच के निर्देश
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में 30 अप्रैल की रात हुई मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी अकरम के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परिजनों की मांग के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले की मजिस्ट्रियल और पुलिस जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, पुलिस […] The post अकरम एनकाउंटर मामला: डीएम ने मजिस्ट्रियल व पुलिस जांच के दिए आदेश appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
अकरम एनकाउंटर मामला: डीएम द्वारा मजिस्ट्रियल एवं पुलिस जांच के निर्देश
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में 30 अप्रैल की रात हुई मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात अपराधी अकरम के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने परिजनों की मांग के आधार पर मजिस्ट्रियल और पुलिस जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुठभेड़ का संदर्भ
इस मुठभेड़ के दौरान, जो 30 अप्रैल को हुई थी, पुलिस ने एक आपराधिक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, स्पेशल पुलिस टीम ने इस पूरी घटना का अध्ययन करने के लिए पुलिस जांच की निगरानी एसपी सिटी हरिद्वार द्वारा की जाएगी।
अपराधी अकरम का इतिहास
अकरम, जो मूलतः शामली का निवासी था, उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और डकैती जैसे 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 2014 के चर्चित अंकित थपलियाल हत्या कांड का मुख्य आरोपी भी रहा है। पुलिस ने बताया कि अकरम ने एक ठेकेदार से दो लाख रुपये की लूट की थी और इसकी वजह से वह अब तक पुलिस के चंगुल से बचते आ रहा था। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे मार गिराया।
जाँच की प्रक्रिया
डीएम सविन बंसल ने आज सुबह इस मामले में जांच के आदेश दिए। जांच की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सीओ सिटी हरिद्वार को नियुक्त किया गया है। दोनों स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
परिजनों का तर्क और माँग
अकरम के परिवार वालों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं है कि पुलिस की कार्रवाई सही थी। परिवार के सदस्यों ने देहरादून पहुंचकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
फरार आरोपियों की तलाश
फरार आरोपियों की तलाश तेज
इस मामले में शेष दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। संदिग्ध काली कार की भी जांच की जा रही है, और उसके चेसिस नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई और आपराधिक जांच की प्रक्रियाओं की गंभीरता को दर्शाया है। प्रशासन की ओर से की जाने वाली मजिस्ट्रियल जांच, आम जनता में विश्वास बहाल करने के लिए एक सकारात्मक कदम है।
निर्णायक कार्रवाई और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए इस मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। प्रहरी के रूप में सरकार का कार्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और इस जांच प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस तरह से पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पालन किया।
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साभार,
टीम धर्म युद्ध
शिवानी अवस्थी