अल्मोड़ा: डा. पीके मेहता को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि अर्पित

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: गोवर्धन तिवारी राजकीय बेस अस्पताल अल्मोड़ा के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. पीके मेहता के पिता लक्ष्मण सिंह मेहता का बीते रविवार देर रात असामयिक निधन हो गया है। वह 78 वर्ष की उम्र के थे। उनके निधन पर बेस अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने गहरा दुख […] The post अल्मोड़ा: डा. पीके मेहता को​ पितृशोक, ​श्रद्धांजलि अर्पित appeared first on Creative News Express | CNE News.

अल्मोड़ा: डा. पीके मेहता को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि अर्पित
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: गोवर्धन तिवारी राजकीय बेस अस्पताल अल्मोड़ा के प्रमुख चिकित्सा अधीक्ष�

अल्मोड़ा: डा. पीके मेहता को अंतिम विदाई, श्रद्धांजलि अर्पित

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कम शब्दों में कहें तो, गोवर्धन तिवारी राजकीय बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. पीके मेहता के पिता लक्ष्मण सिंह मेहता का 78 वर्ष की उम्र में निधन हुआ है। यह घटना बीते रविवार देर रात हुई, जिसने ना केवल उनके परिवार को बल्कि समस्त स्वास्थ्य सेवा समुदाय को भी गहरे दुख में डाल दिया।

गुणी व्यक्तित्व का निधन

लक्ष्मण सिंह मेहता का निधन असामयिक है और उनके जाने से अल्मोड़ा के राजकीय मेडिकल कालेज तथा बेस अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई है। डा. पीके मेहता ने अपने पिता के योगदान को स्मरण करते हुए बताया कि उनके पिता ने हमेशा समाज की भलाई के लिए कार्य किया और उन्होंने जीवन में अनेक लोगों को प्रेरित किया।

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

बेस अस्पताल के कर्मचारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक सभा का आयोजन किया, जिसमें सभी ने लक्ष्मण सिंह मेहता की याद में दो मिनट का मौन रखा। डा. पीके मेहता ने इस अवसर पर कहा, "मेरे पिता का जीवन दूसरों की सेवा में समर्पित रहा। उनके अनुभव और शिक्षाएं हमें हमेशा प्रेरित करेंगी।"

परिवार और मित्रों का समर्थन

इस कठिन समय में डा. मेहता और उनके परिवार को समाज के हर वर्ग से समर्थन मिल रहा है। लक्ष्मण सिंह मेहता की पहचान उनके सत्कर्मों और मानवीय मूल्यों के लिए हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने न केवल अपने परिवार को, बल्कि समाज को भी नैतिक शिक्षा दी।

व्यक्तिगत अनुभव और श्रद्धांजलि

डा. मेहता ने अपने पिता के साथ बिताए समय को भी साझा किया, उन्होंने कहा, "वे मेरे लिए एक आदर्श रहे हैं। उनके विचारों ने मुझे जिंदगी के कठिन पल में राह दिखाई। मैं हमेशा उनके द्वारा दिए गए ज्ञान और शिक्षा का पालन करूंगा।"

निष्कर्ष

लक्ष्मण सिंह मेहता का निधन केवल एक व्यक्तिगत दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक भारी क्षति है। उनकी सेवा और समर्पण को हम कभी नहीं भूल पाएंगे।

इस समाचार में दी गई जानकारी से यह स्पष्ट है कि परेशानियों के बावजूद, समाज और अस्पताल के सभी लोग एकजुट होकर डा. पीके मेहता का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उनके अनुभवों और ज्ञान को आगे बढ़ाएं।

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Team Dharm Yuddh, स्नेहा शर्मा