अल्मोड़ा में गरजे यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, भू-कानून पर उठाई आवाज़
भू-कानून और मूल निवास 1950 को लेकर भरी हुंकार उत्तराखंड क्रांति दल का अल्मोड़ा दौरा CNE REPORTER, अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कुकरेती के अल्मोड़ा आगमन पर जिला इकाई द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर […] The post अल्मोड़ा में गरजे यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती appeared first on Creative News Express | CNE News.
अल्मोड़ा में गरजे यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कुकरेती ने अल्मोड़ा में आकर भू-कानून और मूल निवास 1950 संबंधी मुद्दों पर अपनी विचारधारा व्यक्त की। उनके समर्थन में आए विशाल जनसमुदाय ने यह साबित कर दिया कि यह मुद्दा उत्तराखंड की जनता के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
सुरेंद्र कुकरेती का भव्य स्वागत
अल्मोड़ा में सुरेंद्र सिंह कुकरेती के आगमन पर यूकेडी की जिला इकाई द्वारा एक भव्य स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूकेडी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और राज्य के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम केवल एक स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि यह एक राजनीतिक मंच था जहां कुकरेती ने अपनी बातें जनता के सामने रखीं।
भू-कानून का महत्व
सुरेंद्र कुकरेती ने भू-कानून को लेकर अपनी आवाज़ उठाते हुए कहा कि यह मुद्दा नाहीं केवल राजनीतिक है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति और पहचान से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "अगर हम चाहते हैं कि हमारे प्रदेश की पहचान और मूल निवासी के अधिकार सुरक्षित रहें, तो हमें इस मुद्दे पर एकजुट होना होगा।" उनका यह बयान राज्य में जमीनों की खरीद-बिक्री और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप के खिलाफ स्पष्ट संदेश है।
मूल निवास 1950 का संदर्भ
कुकरेती ने 1950 के मूल निवास कानून का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि यह कानून अपने समय में आवश्यक था, लेकिन इसे आधुनिक समय के अनुसार संशोधित करने की ज़रूरत है। "हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे प्रदेश में स्थानीय निवासियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण हो, जहाँ उनकी संपत्तियाँ और अधिकार सुरक्षित रहें।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस कानून में बदलाव नहीं किया गया, तो अल्मोड़ा और उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों की पहचान संकट में पड़ सकती है।
जनता का समर्थन
सुरेंद्र कुकरेती की बातें सुनने के लिए काफी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। समर्थन से भरे नारों के बीच जनता ने उनके विचारों का उत्साहपूर्वक अभिवादन किया। यह स्पष्ट था कि कुकरेती की बातों ने स्थानीय नागरिकों में एक नई जागरूकता और उत्साह पैदा किया है।
समाप्ति
अल्मोड़ा में यूकेडी अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती का दौरा केवल एक राजनीतिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण संकेतन है कि लोग अपने मुद्दों के प्रति गंभीर हैं। भू-कानून और मूल निवास से जुड़े मुद्दों को लेकर अब जनता के मन में और अधिक जागरूकता आ गई है। इस प्रकार के राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर, यूकेडी अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने में सफल हो रही है।
राज्य के महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी आवाज़ उठाने हेतु कुकरेती का यह प्रयास निश्चित रूप से उत्तराखंड की राजनीति में एक नई दिशा प्रदान करेगा।
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सादर, टीम धर्म युद्ध