उत्तराखंड में स्टेट मिलेट पॉलिसी का ऐलान, धामी सरकार का जोर किसानों की आर्थिक मजबूती पर
एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand सरकार राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और पारंपरिक मोटे अनाजों को नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार श्री अन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ […]
उत्तराखंड में स्टेट मिलेट पॉलिसी का ऐलान, धामी सरकार का जोर किसानों की आर्थिक मजबूती पर
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए स्टेट मिलेट पॉलिसी लागू की है। यह निर्णय पारंपरिक मोटे अनाजों को नई पहचान देने के उद्देश्य से किया गया है।
एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की है कि सरकार श्री अन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस दिशा में स्टेट मिलेट पॉलिसी लागू की गई है, जो कि किसानों की मदद के लिए एक नया प्रयास है।
पारंपरिक फसलों को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस नई नीति के तहत मंडुवा और झंगोरा जैसी उत्तराखंड की पारंपरिक फसलों का उत्पादन, प्रोसेसिंग और विपणन को प्रोत्साहित करने का काम किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना और इन पारंपरिक कृषि उत्पादों के लिए विस्तृत बाजार उपलब्ध कराना है।
आर्थिक मजबूती एवं पोषण सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने इस पहल को 'डबल इंजन सरकार' की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका मानना है कि इस नीति के माध्यम से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा, जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी, और उत्तराखंड की समृद्ध कृषि विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी।
स्थानीय किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि स्टेट मिलेट पॉलिसी का प्रभावी कार्यान्वयन मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों को सीधे लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही, यह स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन के नए अवसर भी पैदा करेगा।
उपाय एवं अनुदान की संभावनाएँ
इसके अतिरिक्त, सरकार किसानों के लिए विशेष अनुदान और कार्यक्रमों की योजना बना रही है, जिससे वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकें। इस संदर्भ में, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उचित योजना और समर्थन दिया जाए तो उत्तराखंड के किसान न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं, बल्कि कृषि उत्पादन में भी वृद्धि कर सकते हैं।
सारांश के तौर पर, उत्तराखंड की यह नई स्टेट मिलेट पॉलिसी न केवल सूबे की कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देती है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाएगी। आने वाले समय में हम देखेंगे कि किस प्रकार यह पहल राज्य के कृषकों को उनके पारंपरिक उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायता करती है।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध
साक्षी कुमारी