उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे, 3-4 नवंबर को विशेष विधानसभा सत्र का आयोजन

उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे, 3-4 नवंबर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने अनुच्छेद 174(1) के तहत किया सत्र आहूत; राज्य निर्माण की 25वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा की संभावना देहरादून। उत्तराखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नवंबर माह […] The post उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे, 3-4 नवंबर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे, 3-4 नवंबर को विशेष विधानसभा सत्र का आयोजन
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उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे, 3-4 नवंबर को विशेष विधानसभा सत्र का आयोजन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 3-4 नवंबर 2025 को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।

देहरादून। उत्तराखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के इस अवसर पर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने अनुच्छेद 174(1) के अंतर्गत विशेष सत्र की घोषणा की है। यह सत्र राज्य की पंचम विधानसभा के लिए 2025 के दौरान पहली बार आयोजित किया जाएगा, जो कि राज्य के विकास और उपलब्धियों पर एक महत्वपूर्ण चर्चा केंद्रित करेगा।

उत्तराखंड विधानसभा

राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह विशेष सत्र 3 और 4 नवंबर, 2025 को सुबह 11 बजे देहरादून स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। यह अधिसूचना 18 अक्टूबर को राजभवन द्वारा प्रकाशित की गई थी।

इस विशेष सत्र का मुख्य फोकस राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के विकास, उपलब्धियों, और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना होगा। ज्ञात हो कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का गठन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में किया गया था, और इस आंदोलन के दौरान 42 आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।

विशेष सत्र का महत्व
यह सत्र विभिन्न मुद्दों पर चर्चा का केंद्र बनेगा, जिसमें राज्य के अब तक के सफर, उपलब्धियों, चुनौतियों और आगामी विकास योजनाओं पर विचार विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही, यह उन सभी आंदोलनकारियों की याद को भी समर्पित किया जाएगा, जिन्होंने राज्य के गठन के लिए साहस और बलिदान का प्रदर्शन किया।

राज्य के नेतृत्व का यह प्रयास न केवल यादों को ताजा करेगा बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में भी सहायक होगा। इस अनूठे अवसर पर न केवल विधायक बल्कि राज्य की विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधि भी अपनी भूमिका निभाएंगे।

राज्य गठन के इस ऐतिहासिक अवसर पर, नागरिकों को भी अपने राज्य की उपलब्धियों और विकास की यात्रा पर गर्व होगा। सभी की निगाहें विधानसभा के इस महत्वपूर्ण सत्र पर होंगी, जो राज्य के भविष्य की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

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साइन-ऑफ:
शिवानी शर्मा,
टीम धर्म युद्ध