छत्तीसगढ़ का 25वां राज्योत्सव : कलेक्टर, एसपी और CEO ने 'हमर पारा तुहर पारा' पर मनाया जश्न, देखें VIDEO

दिलशाद अहमद, सूरजपुर ब्रेकिंग. छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के 25वें वर्ष पर सूरजपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़ का 25वां राज्योत्सव : कलेक्टर, एसपी और CEO ने 'हमर पारा तुहर पारा' पर मनाया जश्न, देखें VIDEO
दिलशाद अहमद, सूरजपुर ब्रेकिंग. छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के 25वें वर्ष पर सूरजपुर में तीन दिवसीय राज्�

छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस का भव्य समापन

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कम शब्दों में कहें तो, सूरजपुर में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव का समापन बहुत धूमधाम से हुआ, जहाँ कलेक्टर, एसपी, और CEO ने 'हमर पारा तुहर पारा' गाने पर जश्न मनाया।

राज्योत्सव का शानदार माहौल

दिलशाद अहमद, सूरजपुर ब्रेकिंग। छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के 25वें वर्ष पर सूरजपुर में आयोजित राज्योत्सव ने पूरे जिले में उत्साह का संचार किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस पर्व का मुख्य आकर्षण कलेक्टर, एसपी और CEO द्वारा 'हमर पारा तुहर पारा' गाने पर झूमना रहा। यह दृश्य निश्चित रूप से सभी के दिलों को छू गया।

आयोजन का उद्देश्य

राज्योत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने के लिए किया गया था। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाया। ये कार्यक्रम न केवल मनोरंजक थे, बल्कि राज्य के इतिहास और संस्कृति से भी जोड़े गए थे।

वीडियो में देखें खास लम्हें

इस भव्य आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा कलेक्टर और अन्य अधिकारियों का गाने पर झूमना। यह क्षण दर्शकों के लिए एक अनमोल याद बन गया। आप इस वीडियो में उस अद्भुत माहौल का आनंद ले सकते हैं जहाँ उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला CEO ने एक साथ मिलकर उत्सव को और भी जीवंत बना दिया। अधिक अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें.

स्थानीय लोगों की भागीदारी

स्थानीय लोगों ने इस तीन दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि छत्तीसगढ़ के नागरिक अपने राज्य के प्रति कितने गर्वित हैं। यह त्योहार न केवल सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी को भी अपने राज्य की पहचान के प्रति जागरूक करता है।

निष्कर्ष

राज्योत्सव का यह आयोजन छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए गर्व और खुशी का अवसर था। इसने न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास के प्रति स्वाभिमान भी जगाया। आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को जारी रखा जाना चाहिए ताकि हम सभी अपने इतिहास और संस्कृति को संजो कर रख सकें।

आपको बताएं कि छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव का यह अनुभव न केवल यादगार रहा, बल्कि इसने सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का भी परिचय दिया।

धन्यवाद, टीम धर्म युद्घ