नैनीताल: SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित, शिक्षा और संस्कारों पर दिया विशेष जोर

कहा- ‘संस्कारों की जड़ें गहरी होंगी तभी मिलेगी स्थायी सफलता’ पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह ज्योलिकोट (नैनीताल)। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में आयोजित भव्य ‘पुरस्कार वितरण समारोह’ में शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ […] The post नैनीताल: SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने मेधावी छात्रों को किया पुरस्कृत appeared first on Creative News Express | CNE News.

नैनीताल: SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित, शिक्षा और संस्कारों पर दिया विशेष जोर
कहा- ‘संस्कारों की जड़ें गहरी होंगी तभी मिलेगी स्थायी सफलता’ पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार

नैनीताल: SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

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कम शब्दों में कहें तो, नैनीताल में पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्टता दिखाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

ज्योलीकोट, नैनीताल में एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. टी.सी. ने सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, 'संस्कारों की जड़ें गहरी होंगी तभी हमें स्थायी सफलता प्राप्त होगी।' उनका यह विचार बच्चों के विकास में संस्कारों के महत्व को उजागर करता है, जो केवल शिक्षा में ही नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी आवश्यक है।

पुरस्कार वितरण समारोह की विशेषताएँ

इस समारोह में विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और लगन के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय कर्मचारियों की बड़ी संख्या भी शामिल थी। पुरस्कार पाने वाले छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत की कहानी साझा की, जिससे यह साबित होता है कि मेहनत के बिना कोई असली सफलता नहीं मिलती।

SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के विचार

डॉ. टी.सी. ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि, 'समाज में शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह सिर्फ स्कूल और कॉलेज का कार्य नहीं है, बल्कि माँ-बाप से लेकर समाज के हर सदस्य का यह कर्तव्य है कि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दें। हमें चाहिए कि हम उन्हें संस्कार दें ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।'

संस्कारों का महत्व

संस्कार केवल धार्मिक या पारिवारिक नहीं होते, बल्कि यह हमारी व्यक्तिगत और सामाजिक पहचान को भी बनाते हैं। यदि बच्चों में संस्कार और मूल्यों का विकास किया जाए, तो वे न केवल अच्छे विद्यार्थी बनते हैं, बल्कि अच्छे इंसान भी बनते हैं। इस बात को आगे बढ़ाते हुए, कई शिक्षाविद भी मानते हैं कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा पर भी जोर देना आवश्यक है।

निष्कर्ष

इस पुरस्कार वितरण समारोह ने यह स्प्ष्ट कर दिया कि शिक्षा और संस्कार का मिलाजुला पहलू ही बच्चों के सफल भविष्य की नींव रखता है। पेड़ के लिए जड़ें जितना महत्वपूर्ण होती हैं, उतनी ही महत्वपूर्ण हैं बच्चों के लिए संस्कार।

अंत में, हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने आने वाली पीढ़ियों को न केवल अच्छी शिक्षा दें, बल्कि उन्हें सही संस्कार भी प्रदान करें ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध
सर्वेश्री शर्मा