पल्लवी पटेल का सवाल: UGC कानून पर केंद्र सरकार क्यों है चुप?

एफएनएन, अंबेडकरनगर : सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी 2026 पर रोक लगने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील ही इस विनियम को डिफेंस नहीं कर पाया। अपना दल कमेरावादी की ओर से रविवार को अकबरपुर के एक गेस्ट हाउस में मंडलीय समता सम्मेलन का आयोजन किया […] The post पल्लवी पटेल बोलीं—क्यों रुका UGC कानून? केंद्र सरकार दे जवाब appeared first on Front News Network.

पल्लवी पटेल का सवाल: UGC कानून पर केंद्र सरकार क्यों है चुप?
एफएनएन, अंबेडकरनगर : सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी 2026 पर रोक लगने के लिए केंद्र सरक�

पल्लवी पटेल का सवाल: UGC कानून पर केंद्र सरकार क्यों है चुप?

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कम शब्दों में कहें तो, सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने UGC 2026 कानून पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

एफएनएन, अंबेडकरनगर : सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने हाल ही में एक सम्मेलन में कहा कि UGC 2026 कानून पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील ने इस विनियम का उचित बचाव नहीं किया, जो आंतरिक प्रशासनिक समस्या को दर्शाता है।

अकबरपुर में मंडलीय समता सम्मेलन का आयोजन

अकबरपुर के एक गेस्ट हाउस में रविवार को अपना दल कमेरावादी की ओर से मंडलीय समता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कृष्णा पटेल सहित अन्य नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के बाद मीडिया से बात करते हुए, डॉ. पटेल ने केंद्र सरकार को UGC, जातिगत जनगणना और अन्य मुद्दों पर खुलकर घेरा।

केंद्र सरकार पर आरोप

डॉ. पटेल ने कहा, "केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी कि यूजीसी को मजबूत बनाना था, लेकिन इसकाDefense सुप्रीम कोर्ट में ठीक से नहीं किया गया। केंद्र सरकार ने आजादी के सालों बाद भी देश को LPG की लंबी लाइनों में खड़ा कर दिया है, जो खराब विदेश नीतियों का नतीजा है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद कई मुद्दों पर जनता को परेशान किया है।

2027 के चुनाव पर नजर

डॉ. पटेल ने अगले वर्ष 2027 में होने वाले चुनावों को प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम हमेशा जनता के हित के मुद्दों को उठाते रहेंगे।" उनकी बातों में भाजपा के कार्यों की आलोचना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

जातिगत जनगणना का मुद्दा

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "यह सरकार का एक षड्यंत्र है। चुनाव आयोग सिर्फ एक मोहरा है। भाजपा का इतिहास दिखाता है कि जब वे एक मुद्दे में घिर जाते हैं तो दूसरा मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाते हैं।" उन्होंने जातिगत जनगणना को लेकर अपना दल की ओर से सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखने का आश्वासन दिया।

जनता का अधिकार

डॉ. पटेल ने कहा कि लोगों के वोट का अधिकार छीना जा रहा है। "जैसे-जैसे सरकार कमजोर होती जा रही है, वैसे-वैसे मतदाता पात्र और अपात्र की श्रेणी में बंटते जा रहे हैं। जातिगत जनगणना कब तक होगी, यह भी साफ नहीं किया गया है।" उनका स्पष्ट संदेश था कि अपना दल इस लड़ाई को जारी रखेगा।

अंत में, डॉ. पल्लवी पटेल ने जनहित के मुद्दों को सामने लाने का वादा किया और कहा कि सभी मुद्दों पर विपक्ष को मजबूत बनकर जनता के बीच जाना चाहिए।

यूजीसी कानून के मुद्दे पर चर्चा और केंद्र सरकार के जवाब की प्रतीक्षा की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर जनता की जागरूकता महत्वपूर्ण है।

यह एक अत्यधिक महत्वपूर्ण विषय है और इसके समाधान के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर आवाज उठानी पड़ेगी।

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सादर, श्रीमती आरती शर्मा, टीम धर्म युद्ध