SSC परीक्षा घोटाला: ऑनलाइन परीक्षा में बड़ा नकल रैकेट, 500 से अधिक लैब संदिग्ध

एफएनएन, देहरादून : SSC Exam Scam ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले हाईटेक गिरोह की जांच अब बड़े स्तर पर पहुंच गई है। STF की जांच में ऐसे खुलासे हुए हैं जिनसे देशभर की सैकड़ों परीक्षा लैब संदेह के घेरे में आ गई हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि परीक्षा केंद्रों के सेटअप के […]

SSC परीक्षा घोटाला: ऑनलाइन परीक्षा में बड़ा नकल रैकेट, 500 से अधिक लैब संदिग्ध
एफएनएन, देहरादून : SSC Exam Scam ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने वाले हाईटेक गिरोह की जांच अब बड़े स्तर पर पहु

SSC परीक्षा घोटाला: ऑनलाइन परीक्षा में बड़ा नकल रैकेट, 500 से अधिक लैब संदिग्ध

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कम शब्दों में कहें तो, SSC परीक्षा में नकल कराने वाले हाईटेक गिरोह की जांच अब व्यापक स्तर पर चल रही है। जांच एजेंसियों ने देशभर में सैकड़ों परीक्षा लैब को संदिग्ध माना है।

एफएनएन, देहरादून: हाल ही में एसएससी परीक्षा में नकल की घटनाओं से जुड़ा एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें हाईटेक गिरोह द्वारा ऑनलाइन परीक्षा में नकल कराने की विधियों का खुलासा हो रहा है। विशेष कार्य बल (STF) की जांच में यह बातें सामने आई हैं कि देश भर में सैकड़ों परीक्षा केंद्र संदिग्ध है। यह आशंका जताई जा रही है कि नकल के लिए तकनीकी सेटअप को परीक्षा केंद्रों पर ही स्थापित किया गया था, जिससे आसानी से रिमोट एक्सेस द्वारा नकल की जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। उसने बताया कि उसने 2024 में योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक के कहने पर लैब सेटअप करना शुरू किया था। उस समय उसे मुनाफे का 30 प्रतिशत हिस्सा देने का लालच दिया गया था।

महादेव डिजिटल जोन और अन्य लैब्स

ईश्वरी प्रसाद ने महादेव डिजिटल जोन नाम से एक लैब स्थापित की थी, जहां फरवरी में कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ था। मामले का खुलासा होने के बाद वह फरार हो गया था। अब जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, हैदराबाद, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में 500 से अधिक लैब स्थापित कर ली हैं। इनमें से 100 से अधिक लैब में संदिग्ध सेटिंग होने की आशंका जताई जा रही है।

नकल के तरीके और तकनीकी सेटअप

जांच एजेंसियों के अनुसार, सर्वर रूम में इथरनेट केबल और CCTV सिस्टम के जरिए नकल के लिए रिमोट एक्सेस का उपयोग किया जाता था। परीक्षा के समय, परीक्षार्थियों को केवल स्क्रीन पर प्रश्न दिखाई देते थे, जबकि बाहर बैठे व्यक्ति ने उत्तर सिस्टम में दर्ज किया। इतना ही नहीं, गिरोह के सदस्य CCTV कैमरों की लाइव फीड भी नियंत्रित करते थे और आवश्यकता पड़ने पर फीड में छेड़छाड़ भी की जाती थी।

अन्य संदिग्धों की तलाश और सुरक्षा उपाय

STF को इस पूरे घोटाले में परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका है। फिलहाल, कई अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और आगामी परीक्षाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सख्त कर दिया गया है।

इस घोटाले ने न केवल शिक्षण संस्थानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित किया है। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

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टीम धर्म युद्ध, अनु शर्मा