मुख्यमंत्री के दौरे में धुंआधार जलता जंगल: ग्रामीणों की नाराजगी और विभाग की लापरवाही
वन विभाग की ‘लापरवाही’ से ग्रामीणों में आक्रोश बागेश्वर में मुख्यमंत्री के दौरे के बीच जिलाधिकारी कार्यालय के पास ओलखसों और खबडोली का जंगल दो दिनों तक जलता रहा। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। जानें डीएफओ का क्या है बयान ? CNE REPORTER, बागेश्वर। एक ओर जहां […] The post मुख्यमंत्री के दौरे के बीच धू-धू कर जला जंगल appeared first on Creative News Express | CNE News.
मुख्यमंत्री के दौरे में धुंआधार जलता जंगल: ग्रामीणों की नाराजगी और विभाग की लापरवाही
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ओलखसों और खबडोली का जंगल दो दिनों तक धू-धू कर जलता रहा। वन विभाग की लापरवाही के इस मामले ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों का आक्रोश
बागेश्वर जिले में, मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण दौरे के बीच, जिलाधिकारी कार्यालय के निकट का जंगल आग की लपटों में जलता रहा। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच गहरी चिंता और नाराजगी को जन्म दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसे एक बड़ी समस्या बताया है, जिससे आसपास के क्षेत्र के पर्यावरण और वन्यजीवों को खतरा पहुंचा है।
आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जंगल में लगी इस आग पर काबू पाने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अग्निशामक दल समय पर नहीं पहुंचे, और जब तक स्थिति नियंत्रण में आती, तब तक जंगल की काफी बड़ी भाग जल चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर कदम उठाए गए होते, तो इतनी बड़ी हादसा टाला जा सकता था।
डीएफओ का बयान
इस मामले पर डीएफओ का कहना था कि “हमारी टीम ने पूरी कोशिश की थी, लेकिन हालात ऐसे थे कि आग को तेजी से फैलने से रोकना संभव नहीं हो सका। हम इसकी जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।”
पर्यावरण पर प्रभाव
इस आग की घटना ने न केवल वनस्पति को नुकसान पहुँचाया है बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर खतरा पैदा किया है। जलवायु परिवर्तन और वन कटाई की समस्या को ध्यान में रखते हुए, ऐसी घटनाएं और भी चिंताजनक बन जाती हैं।
सरकार की जिम्मेदारी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार को इस तरह की लापरवाहियों पर सख्त नियंत्रण रखने की जरूरत है। यदि वन विभाग उचित प्रबंधन पर ध्यान नहीं देगा, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं आम हो जाएंगी।
समापन विचार
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जंगल में लगी आग ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार को वन सुरक्षा के मामलों में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। स्थानीय निवासियों ने इस मामले पर उच्च स्तरीय चर्चा करने की मांग की है ताकि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों।
इस घटना के बाद, आने वाले समय में वन संरक्षण की दिशा में क्या कदम उठाए जाएंगे, यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगा।
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सादर, सर्वेश्री कुमारी सृष्टि, Team Dharm Yuddh