रामनगर में DDA टीम की कार्रवाई, देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट को सील किया गया
एफएनएन, रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर के ढिकली क्षेत्र में देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट सील होने से एडवेंचर प्रेमियों में निराशा नजर आ रही है। हाल ही में शुरू हुई इस रोमांचक गतिविधि को प्रशासन ने सील कर दिया है। साइट को सील करने की वजह बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया गया […] The post रामनगर में DDA टीम की कार्रवाई, देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट सील appeared first on Front News Network.
रामनगर में DDA टीम की कार्रवाई, देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट को सील किया गया
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के रामनगर में एडवेंचर प्रेमियों को एक बड़ा झटका लगा है, जब प्रशासन ने ढिकली क्षेत्र में स्थित देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट को सील कर दिया। यह साइट हाल ही में खोली गई थी और इसे बिना नक्शा पास कराए बनाया गया था। इस कार्रवाई के कारण आज एडवेंचर प्रेमियों में निराशा का माहौल है।
आपको बता दें कि इस बंजी जंपिंग साइट का निर्माण एक निजी कंपनी द्वारा पिछले छह महीने में किया गया था, जिसमें 101 मीटर की फ्री स्टाइल जंपिंग और 104 मीटर की रूफ टॉप जंपिंग की व्यवस्था बनाई गई थी। सितंबर के आखिरी सप्ताह में इसका संचालन शुरू होने के बाद से पर्यटक यहां आकर्षित होने लगे थे, क्योंकि यह देश की सबसे ऊंची बंजी जंपिंग साइट के रूप में पहचान बना चुकी थी।
प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
हालांकि, प्रशासन ने केवल एक महीने के भीतर ही जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की टीम द्वारा इस साइट को सील करने की कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार, बंजी जंपिंग साइट का नक्शा पास नहीं कराया गया था, जिसके कारण यह साइट नियमों का उल्लंघन करती थी।
जिला विकास प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता रोहित बिष्ट ने इस मुद्दे को लेकर कहा कि, "यह साइट बिना अनुमोदित नक्शे के बनाई गई है, जो पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है।" स्थानीय लोगों और एडवेंचर प्रेमियों ने इस निर्णय पर निराशा का इजहार करते हुए कहा कि बंजी जंपिंग जैसी गतिविधियां रामनगर को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित कर सकती थीं।
बंजी जंपिंग साइट का भविष्य
हालांकि, प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन किए बिना किसी भी निर्माण या व्यावसायिक गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कंपनी भविष्य में नियमों का पालन करते हुए फिर से इस रोमांचक साइट को शुरू कर पाएगी, या यह सपना रह जाएगा।
धन की बर्बादी या संभावनाएं
वहीं, इस बंजी जंपिंग साइट के निर्माण में निजी कंपनी ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं और इस बड़े टावर के निर्माण में लगभग छह महीने का समय लगा। साइट के संचालक शरद अरोरा का कहना है कि उन्होंने साइट प्लान के लिए प्राधिकरण में नक्शा स्वीकृति का आवेदन पहले ही किया था। यह सभी जानकारी दिखाती है कि एक सफल एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्ट को स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना कितना आवश्यक है।
रामनगर में इस बंजी जंपिंग साइट का बंद होना केवल एक निजी कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि समग्र पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या स्थानीय प्राधिकरण इस मुद्दे को जल्द सुलझाते हुए अद्वितीय पर्यटन संभावनाओं को फिर से जीवित रखने में सफल होगा।
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