स्वास्थ्य सचिव के कड़े हस्तक्षेप से दून मेडिकल कॉलेज की हड़ताल समाप्त, सफाई व्यवस्थाएं बहाल
देहरादून दून मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वेतन भुगतान में देरी और अस्पताल व्यवस्थाओं से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों का प्रबंधन स्तर पर समाधान न होने पर स्वास्थ्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाकर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन को […] The post स्वास्थ्य सचिव के हस्तक्षेप से दून मेडिकल कॉलेज की हड़ताल खत्म, सफाई व्यवस्था बहाल appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
स्वास्थ्य सचिव के कड़े हस्तक्षेप से दून मेडिकल कॉलेज की हड़ताल समाप्त, सफाई व्यवस्थाएं बहाल
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो, दून मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल स्वास्थ्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गई है। अब अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो गई है।
स्वास्थ्य सचिव का कड़ा कदम
देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने तुरंत कार्रवाई की। यह हड़ताल वेतन भुगतान में देरी और अस्पताल व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों के कारण शुरू हुई थी। स्वास्थ्य सचिव ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में क्या हुआ?
स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य गीता जैन, अपर निदेशक डॉ. आर.एस. बिष्ट और उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सफाई कर्मचारियों के हड़ताल की वजहों का गहन चर्चा किया गया और ठेकेदार फर्म अजमीरा के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। स्वास्थ्य सचिव ने कर्मचारियों के बकाया वेतन की स्थिति और अस्पताल में साफ सफाई की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से संभावित समाधान मांगे थे।
स्वास्थ्य सचिव के निर्देश
डॉ. कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सफाई कर्मचारियों के लिए वेतन भुगतान की पृथक और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए शासन को शीघ्र पत्र भेजने का निर्णय किया गया। विभिन्न एजेंसियों से जुड़े सफाई कर्मचारियों को भी समय पर पूर्ण वेतन का भुगतान करने के आदेश दिए गए। उनके इस कदम के तुरंत बाद, सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली और अस्पताल में स्वच्छता बहाल कर दी गई।
भविष्य की सुरक्षा एवं निगरानी
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि मरीजों की सुविधाएं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सबसे पहले प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही का मामला सामने आया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और अस्पताल व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उपचिकित्सा अधीक्षक की पुष्टि
बैठक के बाद, उपचिकित्सा अधीक्षक नंदन सिंह बिष्ट और फर्म के प्रतिनिधि मेहुल कुमार ने यह बताया कि अस्पताल में सफाई की व्यवस्था अब पूरी तरह से सुचारू हो चुकी है। मरीजों को कोई भी असुविधा नहीं हो रही है और अस्पताल में स्वच्छता की स्थिति को भी बेहतर किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों और त्वरित निर्णय ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें।
साभार, टीम धर्म युद्ध
श्रीमती अंजलि शर्मा