“उत्तराखंड में धामी सरकार का सुशासन मॉडल: 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को लाभ”

उत्तराखण्ड में सुशासन की नई परिभाषा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जनसंपर्क अभियान “धामी सरकार का सुशासन मॉडल- 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ” “सरकार पहुँची जनता के द्वार- ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम में रिकॉर्ड निस्तारण” “मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जवाबदेह शासन की मिसाल” […] The post “धामी सरकार का सुशासन मॉडल- 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ” appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.

“उत्तराखंड में धामी सरकार का सुशासन मॉडल: 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को लाभ”
उत्तराखण्ड में सुशासन की नई परिभाषा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जनसं

उत्तराखंड में धामी सरकार का सुशासन मॉडल: 204 कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक लोगों को लाभ

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की सरकार ने 204 जनसेवा कैम्पों के माध्यम से 1.35 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया है, जिससे सुशासन की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान ऐतिहासिक और सर्व-समावेशक साबित हुआ है।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऐतिहासिक जनसंपर्क अभियान, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”, ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गहरी बदलाव लाने का काम किया है, बल्कि इसने आम नागरिकों के साथ सरकार के संबंधों की नई परिभाषा भी प्रस्तुत की है। इस अभियान के अंतर्गत, पूरे राज्य में 2 जनवरी 2026 को आयोजित 204 जनसेवा कैम्पों में 1.35 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया।

सरकार का सीधा आमजन तक पहुंचना

इन कैम्पों के माध्यम से, प्रदेश के सभी 13 जनपदों में शासन-प्रशासन की टीम ने पहली बार सीधे जनता के द्वार जाकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। हाल तक, लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जिला कार्यालयों के धक्के खाने पड़ते थे, लेकिन इस बार उन्होंने अपने गामों में ही अपनी समस्याओं का समाधान कराया।

गुणवत्ता में तकनीकी सुधार

कार्यक्रम के दौरान कुल 17,747 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त किए गए, जिनमें से 12,776 समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। यह सुनिश्चित करता है कि कोरोना महामारी के बाद प्रशासन की दक्षता और जवाबदेही में काफी सुधार आया है। बाकी शिकायतों का भी समयबद्ध कार्ययोजना के तहत निस्तारण किया जा रहा है, जिससे एक भी शिकायत लंबित न रहे।

आवेदन की प्रक्रिया में सरलता

इन कैम्पों में, आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए 19,734 आवेदन प्रस्तुत किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम नागरिकों को मूलभूत सेवाओं प्राप्त करने के लिए अब अनावश्यक विलंब का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यह सुविधा विशेषकर गरीब और वंचित लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।

जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ

बंटवारे में 77,203 नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सीधा लाभ दिया गया। इससे यह सिद्ध होता है कि योजनाएँ अब मात्र घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका लाभ भी वास्तविकता में दिख रहा है।

मुख्यमंत्री का निर्णायक नेतृत्व

मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों को फील्ड में जाने के निर्देश दिए थे, ताकि जनता की समस्याओं को त्वरित रूप से समझा और हल किया जा सके। उन्होंने हर कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की, जो प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने का काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे सुशासन का नया मॉडल बताया और कहा, “यह कार्यक्रम केवल प्रक्रियाओं की प्राथमिकता नहीं दिलाता, बल्कि आम आदमी को सीधे हमारी योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करता है।”

धामी सरकार का यह अभियान उत्तराखंड में शासन' का नजरिया बदल रहा है। भविष्य में भी, “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम राज्य के विकास और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि आप और अधिक अपडेट प्राप्त करना चाहते हैं तो [हमारी वेबसाइट](https://dharmyuddh.com) पर जाएं।

Team Dharm Yuddh | साक्षी शर्मा