जांजगीर जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 25 बच्चों को फूड प्वाइजनिंग, हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से मांगा जवाब

वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। जांजगीर जिले के नवागढ़ विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चौरभाठा में मध्याह्न भोजन खाने के बाद

जांजगीर जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 25 बच्चों को फूड प्वाइजनिंग, हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से मांगा जवाब
वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर। जांजगीर जिले के नवागढ़ विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चौरभाठा म

जांजगीर जिले की खाने की सुरक्षा का मामला - 25 बच्चों को हुआ फूड प्वाइजनिंग

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कम शब्दों में कहें तो, जांजगीर जिले के नवागढ़ विकासखंड की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चौरभाठा में एक गंभीर घटना हुई है जिसमें 25 बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद फूड प्वाइजनिंग का सामना करना पड़ा।

घटना का विवरण

वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर - जांजगीर जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित चौरभाठा की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में यह घटना तब हुई जब बच्चों ने विद्यालय में परोसा गया मध्याह्न भोजन खाया। इसके तुरंत बाद, उन्हें उल्टी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।

हाईकोर्ट की प्रतिक्रिया

इस घटना पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि वे घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करें। उच्च न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।

शिक्षा विभाग की ओर से दी गई प्रतिक्रिया

इसके जवाब में शिक्षा विभाग ने कहा कि मिड-डे मील में बरती जाने वाली सावधानियों का पालन किया जा रहा है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस संबंध में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखेंगे।

स्थिरता की आवश्यकता

यह घटना वस्तुतः एक गंभीर चिंता का विषय है। समाज में बच्चों की सेहत और शिक्षा दोनों एक महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। विद्यालयों में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नीतियों की आवश्यकता है। इसके साथ ही, अभिभावकों और समुदाय को भी अपनी भागीदारी और निगरानी बढानी होगी।

शिक्षा मंत्रालय को इस घटना से सबक लेते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और मिड-डे मील योजना के अंतर्गत सभी खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता पर निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।

निष्कर्ष

इस घटना ने हमारे शिक्षा और स्वास्थ्य तंत्र की कमजोरियों को उजागर किया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए हमें सावधान रहना होगा और सभी संतोषजनक मानकों को बनाए रखना होगा।

अंत में, हम अपने पाठकों को बताते चलें कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अधिक जानकारी के लिए आप हमारे वेबसाइट पर जा सकते हैं।

धन्यवाद,
टीम धर्म युद्ध
(साक्षी शर्मा)