देहरादून में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, तीन रेस्टोरेंट बंद

दूध-पनीर समेत खाद्य उत्पादों के लिए गए सैंपल, गंदगी और लाइसेंस संबंधी खामियां मिलने पर कार्रवाई देहरादून। लोगों की थाली तक पहुंचने वाले दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ चलाए जा […]

देहरादून में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, तीन रेस्टोरेंट बंद
दूध-पनीर समेत खाद्य उत्पादों के लिए गए सैंपल, गंदगी और लाइसेंस संबंधी खामियां मिलने पर कार्रवाई द

देहरादून में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई, तीन रेस्टोरेंट बंद

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने तीन रेस्टोरेंट्स को बंद कर दिया है। इस कार्रवाई का कारण गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाना है।

देहरादून। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हाल ही में दूध, पनीर समेत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विशेष अभियान के तहत विभाग ने देहरादून के होटल, रेस्टोरेंट और दुग्ध प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन मिलने पर तीन रेस्टोरेंट को तुरंत बंद कर दिया गया।

खाद्य प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण

इस अभियान के तहत खाद्य प्रतिष्ठानों की रसोई और स्टोर की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद बिल, पैकेजिंग, लेबलिंग और खाद्य पदार्थों के रखरखाव की गहन जांच की गई। विभाग द्वारा दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।

गंदगी मिलने पर दो रेस्टोरेंट हुए बंद

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे के दिशा-निर्देश पर चलाए गए अभियान के दौरान राजपुर रोड पर स्थित वन विभाग कार्यालय के समीप के रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में आए। यहां की रसोई में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं।

टीम ने इन दोनों रेस्टोरेंट को खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होने तक बंद रखने का निर्देश दिया। एक प्रतिष्ठान से खुला पनीर का नमूना लेकर उसकी गुणवत्ता और वास्तविक घटकों की जांच के लिए भेजा गया।

दूध और पनीर के सैंपल की जांच

इसके अलावा, अभियान के दौरान नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र में स्थित दुग्ध प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने संदेह के आधार पर एक दूध और एक पनीर का नमूना लिया।

विभाग का कहना है कि इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा और गुणवत्ता में कमी या मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच

अभियान के दौरान तीन बड़े होटलों के किचन और स्टोर का भी निरीक्षण किया गया, जहां खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद बिल, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और पैकेजिंग की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली, जिसके कारण संबंधित निर्माता को नोटिस जारी किया गया।

मिलावट पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

इसलिए, उन्होंने पनीर, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की नियमित जांच, नमूना संग्रह और अभियान की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावट या अनधिकृत खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

फूड सुरक्षा के इस अभियान से यह साफ है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है और उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

फिर से ऐसी किसी भी असुरक्षा की स्थिति में उपभोक्ताओं को सजग रहना चाहिए और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना संबंधित विभाग को देनी चाहिए। उपभोक्ता हमेशा अपने खाने की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहकर ही स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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सादर,
टीम धर्म युद्ध