मुख्यमंत्री धामी का सौगात: ‘सांस अभियान 2025-26’ हर बच्चे की सेहत को सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में ‘सांस अभियान 2025-26’ का शुभारंभ, हर बच्चे की सेहत के लिए सामूहिक संकल्प स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बाल स्वास्थ्य को लेकर सरकार बेहद गंभीर, एक जन-आंदोलन की तरह चलाया जा रहा है सांस अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य […] The post सांस अभियान 2025-26’ हुआ शुरू — हर बच्चे की सेहत के लिए मुख्यमंत्री धामी का संकल्प appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
मुख्यमंत्री धामी का सौगात: ‘सांस अभियान 2025-26’ हर बच्चे की सेहत को सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh
कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सांस अभियान 2025-26’ का शुभारंभ किया, जो बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बाल स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार की गंभीरता को रेखांकित किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, उत्तराखंड में संचालित ‘सांस अभियान (Social Awareness and Action to Neutralize Pneumonia Successfully) 2025-26’ का शुभारंभ विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर देहरादून के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डोईवाला में किया गया। यह आयोजन पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से बचाव हेतु जन जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा पाल (आईएएस), कार्यवाहक मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रहीं। उनके साथ अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. आर. सी. पंत (निदेशक, डीजी हेल्थ सर्विसेज), डॉ. रश्मि पंत (निदेशक, एनएचएम), डॉ. मनोज शर्मा (मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून), और डॉ. के. एस. भंडारी (सीएमएस, सीएचसी डोईवाला) शामिल थे।
सरकार की गंभीरता और संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने इस अभियान की सराहना करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा ऐसी बीमारी से ना मरे जिसे रोका जा सके। निमोनिया के खिलाफ जागरूकता और शीघ्र पहचान करना सबसे प्रभावशाली उपाय है। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि बाल स्वास्थ्य में किसी भी संसाधन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
जागरूकता: बचाव का सबसे बड़ा उपाय
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्रीमती अनुराधा पाल ने कहा, “हर साल निमोनिया से हजारों बच्चे मरते हैं, जबकि इसे समय पर पहचानने और इलाज करके पूरी तरह रोका जा सकता है।” उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डॉ. रश्मि पंत ने माँ-बाप को सलाह दी कि शिशु की देखभाल की सही जानकारी ही निमोनिया से सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने स्तनपान, समय पर पूरक आहार देने, और स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। अभियान के तहत उपस्थित बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई जिससे उनकी प्रतिरक्षा क्षमता बेहतर हो सके।
एक जन आंदोलन का आरंभ
राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन जागरूकता को बढ़ाना और बच्चों की सुरक्षा करना है। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि हर घर तक संदेश पहुँचाया जा सके। उनका लक्ष्य अगले एक वर्ष में बच्चों में निमोनिया से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है।
समुदाय की भागीदारी
डॉ. आर. सी. पंत ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। डॉ. त्रिप्ती बहुगुणा ने कहा कि निमोनिया से लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसीलिए माता-पिता और समुदाय की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना आवश्यक है।
खास बातें और भविष्य के कदम
कार्यक्रम के अंत में यह घोषणा की गई कि यह अभियान 12 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस अवधि में प्रत्येक जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें स्वास्थ्य शिविर, घर-घर स्वास्थ्य कर्मियों का भ्रमण और लक्षणों की पहचान जैसे कार्य शामिल रहेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “हम यह संकल्प लेते हैं कि उत्तराखंड का कोई भी बच्चा निमोनिया जैसी बीमारियों से प्रभावित नहीं होगा।” सांस अभियान 2025-26 स्वास्थ्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम है और यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी से चलने वाला अभियान है, ताकि हर बच्चे की सांसें सुरक्षित रह सकें।
इसके अतिरिक्त, अधिक जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट पर जानें: dharmyuddh.com.
टिप्पणियों के साथ, यह अभियान एक स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम है।
सादर।
टीम धर्म युद्ध
नैना शर्मा