मुख्यमंत्री धामी ने गुरुनानक जयंती पर गुरुद्वारे में मथा टेका, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा रेसकोर्स में मथा टेका। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व विशेष रूप से सिख समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए अपने उपदेशों एवं […] The post मुख्यमंत्री धामी ने गुरुनानक जयंती पर गुरुद्वारा रेसकोर्स में मथा टेका, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं appeared first on The Lifeline Today : हिंदी न्यूज़ पोर्टल.
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुनानक जयंती पर गुरुद्वारे में मथा टेका, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा रेसकोर्स में विशेष रूप से मथा टेका और प्रदेशवासियों और सिख समुदाय को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके उपदेशों ने समाज की बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी शिक्षाएं हमें भाईचारा, सद्भावना और आपसी एकता की राह पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
गुरुनानक देव जी का महत्व
गुरुनानक देव जी, जिन्होंने सिख धर्म की नींव रखी, का जन्म 1469 में हुआ था। उनके उपदेशों में समानता, भाईचारा और सेवा के मूल्य को विशेष महत्व दिया गया। उनका मानना था कि सभी मनुष्य एक समान हैं और अंतर्जातीय भेदभाव के खिलाफ थे।
इस वर्ष गुरुनानक जयंती पर, मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे गुरु नानक जी के संदेश को अपने जीवन में उतारें और समाज में भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा दें।
मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने सिख समुदाय के प्रति अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह पर्व हमें एकजुटता और सम्मान का सन्देश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जयन्ती का यह अवसर हमें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।
समाज में गुरु नानक जी के उपदेशों का प्रभाव
गुरु नानक देव जी ने हमेशा समाज में समानता और न्याय की आवाज उठाई। उनके उपदेशों ने न केवल सिखों को, बल्कि पूरे मानवता को एक अच्छी दिशा में सोचने की प्रेरणा दी। आज, जब हम धर्म और जाति के नाम पर बंट रहे हैं, गुरु जी के उपदेश हमें एकजुटता की ओर ले जाते हैं।
कैसे मनाया जाएगा यह पर्व
गुरुनानक जयंती के इस पर्व को मनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गुरुद्वारों में कीर्तन, लंगर और प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा। लोग एकत्रित होकर गुरु जी की शिक्षाओं को याद करेंगे और अपने जीवन में उन पर अमल करने का संकल्प लेंगे।
समाज का हर वर्ग इस पर्व में भाग लेगा, ताकि हम सब मिलकर गुरु नानक जी की शिक्षाओं को और आगे बढ़ाएं। प्रदेशवासियों से निवेदन है कि वे इस पर्व को हर्ष और उल्लास के साथ मनाएं।
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सादर, टीम धर्म युद्ध