राजनांदगांव में 2 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार
एफएनएन, राजनांदगांव : डिजिटल अरेस्ट व शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक बुजुर्ग महिला व एक युवा व्यपारी से ठगी को अंजाम दिया गया. करीबन दो करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े मामलों में सायबर सेल राजनांदगांव और थाना कोतवाली ने हरियाणा और मध्य प्रदेश से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डिजिटल अरेस्ट के मामले […] The post 2 करोड़ से अधिक की साइबर फ्राड का खुलासा, दो राज्यों से 4 आरोपी गिरफ्तार appeared first on Front News Network.
राजनांदगांव में 2 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार
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कम शब्दों में कहें तो, राजनांदगांव में डिजिटल ठगी के मामले में दो करोड़ से ज्यादा की रकम धोखाधड़ी की गई, जिसके सिलसिले में 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना बुजुर्ग नागरिकों और युवा व्यापारियों को निशाना बनाकर की गई थी।
साइबर ठगी का खुलासा
राजनांदगांव में साइबर सेल और थाना कोतवाली ने साझा प्रयासों के तहत दो विभिन्न मामलों में साइबर ठगों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें लगभग 1.99 करोड़ की रकम की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। इन मामलों में बुजुर्ग महिलाओं और युवा व्यापारियों को विभिन्न प्रकार के धोखाधड़ी के तरीकों से फंसाया गया।
धोखाधड़ी के तरीके
पहले मामले में, आरोपियों ने एक बुजुर्ग महिला को फर्जी सीबीआई अधिकारी और जज बनकर यह बताया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल हैं। उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने का भय दिखाकर 79,69,047 रुपए की ठगी की गई। जबकि दूसरे मामले में, साइबर अपराधियों ने एक युवा व्यापारी को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर 1,21,53,590 रुपए की धोखाधड़ी की।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
साइबर सेल और कोतवाली थाना की टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम और मध्य प्रदेश के सिहोर एवं इंदौर क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मध्य प्रदेश के धीरज सिंग (34 वर्ष), अरविंद्र ठाकुर (30 वर्ष), डिम्पल सिंह यादव (22 वर्ष) और राधे श्याम शामिल हैं।
जप्त सामग्री
गिरफ्तार आरोपियों के पास से विभिन्न सामग्री भी जप्त की गई है, जिसमें बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, आधार और पैन कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही पाँच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। अब इन मामलों में शामिल अन्य व्यक्तियों पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी, जैसे कि म्यूल खाता और सिम प्रदान करने वाले एजेंटों पर।
साइबर सुरक्षा के उपाय
इस घटना ने एक बार फिर से डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। साइबर ठगों के द्वारा बुजुर्ग और अप्रत्याशित लक्ष्यों को देखकर यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल स्पेस में अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। नागरिकों को हमेशा सावधान रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
समापन में, हम सभी से आग्रह करते हैं कि आप अपनी जानकारी को सुरक्षित रखें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार होने से बचें। इसके अलावा, यदि आपको किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
इसके अतिरिक्त, और अधिक अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट Dharm Yuddh पर जाएं।
सादर,
टीम धर्म युद्ध
पूजा शर्मा