रुद्रपुर: तिलकराज बेहड़ के पुत्र समेत 12 कांग्रेस पार्षदों ने दिया इस्तीफा
एफएनएन, रूद्रपुर : उत्तराखंड के रुद्रपुर से एक बार फिर कांग्रेस की अंतकर्लह खुलकर सामने आई है। जहां मंगलवार देर शाम कांग्रेस संगठन में कई बड़ा बदलाव किया गया। इसी कड़ी में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष की घोषणा की गई। जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच अच्छी खासी नाराजगी देखने को मिली। रुद्रपुर नगर निगम से पार्षदों […] The post पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के पुत्र समेत 12 पार्षदों ने दिया इस्तीफा appeared first on Front News Network.
रुद्रपुर: तिलकराज बेहड़ के पुत्र समेत 12 कांग्रेस पार्षदों ने दिया इस्तीफा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के रुद्रपुर में कांग्रेस के भीतर कलह एक बार फिर देखने को मिली है जब पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के पुत्र सहित 12 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। इस घटना के बाद पार्टी की स्थिति काफी खराब हो गई है।
कांग्रेस के अंदर का घटनाक्रम
एफएनएन, रूद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में कांग्रेस संगठन में हाल ही में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके चलते पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ गया है। मंगलवार देर शाम को कांग्रेस ने नए महानगर अध्यक्ष की घोषणा की, जिसने कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी उत्पन्न की।
12 पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा
रुद्रपुर नगर निगम के कांग्रेस पार्षदों ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की, जहां उन्होंने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। इस नाराजगी के चलते 12 पार्षदों ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इससे पार्टी में हड़कंप मच गया है। जब पार्टी के शीर्ष नेता विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने का प्रयास कर रहे थे, तब इस घटनाक्रम ने उन्हें एक बड़ा झटका दिया।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और जिलाध्यक्षों के पदों में बदलाव किए। लेकिन रुद्रपुर में हिमांशु गावा को दूसरी बार जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय को लेकर विरोध जताया है और उन्होंने कहा है कि पिछले दिनों रायशुमारी के अनुसार नामों की घोषणा नहीं की गई। कार्यकर्ताओं ने यह सवाल उठाया है कि यदि सब कुछ अपनी इच्छा से तय करना था तो फिर रायशुमारी का क्या अर्थ है? इस तरह के सवालों ने संगठन में असंतोष का माहौल बना दिया है।
कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती
यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर ध्यान देने के लिए मजबूर हो गए हैं और उन्हें जल्द ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के उपाय करने होंगे। इसके अलावा, यह घटना आगामी विधानसभा चुनावों पर भी असर डाल सकती है।
संभावित परिणाम
अगर कांग्रेस इस समस्या का उचित समाधान नहीं कर पाती है तो इससे उनके चुनावी समीकरण पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी और पार्टी के भीतर चल रही कलह को देखते हुए यह स्पष्ट है कि चुनावों में उनकी स्थिति कमजोर हो सकती है।
अंत में, रुद्रपुर नगर निगम के पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक सख्त चेतावनी है कि यदि वह अपने संगठन में सुधार नहीं करती है, तो इसके नतीजे भयंकर हो सकते हैं।
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सादर,
टीम धर्म युद्ध
नवनीत कुमारी