रुद्रपुर: भुर्जी समाज के चंद्रदेव महाराज मंदिर में कब्जे की नाकाम कोशिश

कब्जा करने आए महिला व पुरुष की लात- घूंसे से पिटाई विधायक का पारा चढ़ा, पुलिस पर लगाया आरोप एफएनएन, रुद्रपुर : रुद्रपुर में किच्छा रोड पर भुर्जी समाज की आस्था के केंद्र चंद्रदेव महाराज मंदिर पर आज कब्जे की कोशिश नाकाम कर दी गई। कब्जा करने आए महिला समेत अन्य लोगों की लात- घूसों […] The post भुर्जी समाज की आस्था के केंद्र चंद्रदेव महाराज मंदिर पर कब्जे की कोशिश appeared first on Front News Network.

रुद्रपुर: भुर्जी समाज के चंद्रदेव महाराज मंदिर में कब्जे की नाकाम कोशिश
कब्जा करने आए महिला व पुरुष की लात- घूंसे से पिटाई विधायक का पारा चढ़ा, पुलिस पर लगाया आरोप एफएनएन, �

रुद्रपुर: भुर्जी समाज के चंद्रदेव महाराज मंदिर में कब्जे की नाकाम कोशिश

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

कम शब्दों में कहें तो, रुद्रपुर में चंद्रदेव महाराज मंदिर पर कब्जे की कोशिश हुई, जिसमें स्थानीय विधायक शिव अरोरा भी शामिल हुए।

एफएनएन, रुद्रपुर: रुद्रपुर में स्थित किच्छा रोड पर भुर्जी समाज के आस्था केंद्र चंद्रदेव महाराज मंदिर पर आज एक नया विवाद खड़ा हो गया। कब्जा करने आए लोगों को स्थानीय लोगों ने लात-घूसों से बुरी तरह पीटा। इस घटना से विधायक शिव अरोरा का पारा चढ़ा और उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया कि उनकी भूमिका संदिग्ध है। यह मामला तब और गरमा गया जब विधायक ने कहा कि वो हमेशा मंदिर और हिंदू धर्म के मामलों में सक्रिय रहेंगे।

कब्जा करने की कोशिश और विधायक की प्रतिक्रिया

चंद्रदेव महाराज मंदिर में पिछले चार दशकों से भुर्जी समाज के लोग पूजा अर्चना कर रहे हैं। हाल ही में, भू माफिया द्वारा मंदिर के ताले लगाए गए थे। विधायक शिव अरोरा को इसकी जानकारी मिली, तो वे तत्काल वहां पहुंचे। उनकी मौजूदगी में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। उन्हें आरोप लगा कि इस विषय में पुलिस की स्थिति संदिग्ध है।

विधायक का गुस्सा और मौजूदगी में भजन

विधायक शिव अरोरा ने कहा, “हम न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन जब बात मंदिर या हिंदू धर्म की आस्था की होती है, तो मैं हमेशा खड़ा रहूंगा।” इस बीच, मंदिर प्रांगण में धरणा देने वाले भुर्जी समाज के लोगों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा और भजन गाना शुरू कर दिया। यह स्थिति तब तक बनी रही जब तक पुलिस ने निचले स्तर से स्थिति को काबू में नहीं कर लिया।

पुलिस की भूमिका और कथित भू माफिया

इस बीच, रुद्रपुर के सीओ ने विधायक से फोन पर बात करके उन्हें आश्वस्त किया। शिव अरोरा ने यहां तक कहा कि पुलिस को न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए और मंदिर की यथा स्थिति को सुनिश्चित करना चाहिए। भू माफिया का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि में मंदिरों और उनकी आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा।

समाज के लोग और सख्त कार्रवाई

आखिरकार, विधायक की सख्त कार्रवाई के कारण रमपुरा इंचार्ज ने ताला डालकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। विधायक अरोरा ने कहा कि यह मामला न्यायालय में है और यथा स्थिति बनाए रखी जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश धीरे-धीरे शांत हो गया।

भुर्जी समाज ने अपनी आस्था को बनाए रखने के लिए एकजुटता दिखाते हुए यह साबित किया कि वे अपने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए किस हद तक जा सकते हैं।

भुर्जी समाज का यह संघर्ष न केवल उनके अधिकारों की रक्षा करता है बल्कि धर्म और आस्था के प्रति उनकी निष्ठा को भी दर्शाता है। इस प्रकार के घटनाक्रम हमें यह याद दिलाते हैं कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और उनके सम्मान का विषय कितना महत्वपूर्ण है।

धर्म और आस्था के ऐसे मामले हमेशा विवाद का विषय बनते हैं, लेकिन यह समाज की एकता और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि किसी भी धार्मिक स्थल की सुरक्षा में कोई चूक न हो।

अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सादर,

Team Dharm Yuddh

-- साक्षी वर्मा