हरीश रावत का कड़ा हमला: CM धामी को 'जिहादी मुख्यमंत्री' कहा

एफएनएन, देहरादून : पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम धामी पर करारा हमला बोला है. हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, रजत जयंती वर्ष, विशेष विधानसभा सत्र! निराशा के दो दिन! न 25 वर्ष की विकास गाथा का कोई सही मूल्यांकन और न आगे के वर्षों के लिए कोई उत्साह बढ़ाता हुआ रोड मैप […] The post मुख्यमंत्री जी तो जिहादी मुख्यमंत्री हैं, हरीश रावत ने CM धामी पर बोला बड़ा हमला appeared first on Front News Network.

हरीश रावत का कड़ा हमला: CM धामी को 'जिहादी मुख्यमंत्री' कहा
एफएनएन, देहरादून : पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम धामी पर करारा हमला बोला है. हरीश रावत ने एक्स पर पोस

हरीश रावत का कड़ा हमला: CM धामी को 'जिहादी मुख्यमंत्री' कहा

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एफएनएन, देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर एक बड़ा हमला किया है। रावत ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य की वर्तमान सरकार में विकास की कहानी को सही तरीके से नहीं आंका गया है, और वह मुख्यमंत्री को 'जिहादी मुख्यमंत्री' कहकर संबोधित करते हैं।

उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "रजत जयंती वर्ष और विशेष विधानसभा सत्र ने हमें निराश किया है। न तो 25 वर्षों की विकास यात्रा का सही मूल्यांकन किया गया और न ही भविष्य के लिए कोई प्रोत्साहित करने वाला रोडमैप प्रस्तुत किया गया। इससे साबित होता है कि पहाड़ों और मैदानों के मुद्दों पर सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। हमें यह समझना चाहिए कि एक आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में बढ़ना महत्वपूर्ण है।"

मुख्यमंत्री की योजना पर सवाल उठाते हुए हरीश रावत

रावत ने आगे कहा, "हम सभी उत्तराखंडी हैं और सामूहिक फैसले लेने की इच्छा शक्ति का अभाव है। यदि पहाड़ के गांव बर्बाद होंगे तो तराई-भाबर और गंगा की तलहटी का क्या होगा? यह सरकार झूठ के गर्भ से पैदा हुई है और उसका झूठा इतिहास समाज में फूट ही पैदा करेगा।"

उन्होंने 2017 और 2022 की सरकारों को निशाना बनाते हुए कहा कि दोनों ही झूठ पर आधारित थीं। "2017 की सरकार ने जुम्मे की नमाज़ की छुट्टी के झूठ का सहारा लिया और 2022 की सरकार ने मुस्लिम विश्वविद्यालयों के नाम पर झूठ फ फैलाया," रावत ने कहा।

सरकारी प्रस्ताव और अपने भूतपूर्व अनुभव की चर्चा

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विधानसभा के पटल पर पूर्व सरकार द्वारा जारी किया गया गजट नोटिफिकेशन रखना चाहिए, जिसमें जुम्मे की नमाज़ के लिए छुट्टी दी गई थी। "क्या किसी ने कभी ऐसा बयान सदन के पटल पर रखा है कि वे मुस्लिम विश्वविद्यालय स्थापित करेंगे? यदि वह वादा किया गया था, तो वह बयान कहीं पर भी दिखाई क्यों नहीं देता?"

रावत ने निष्कर्ष निकाला, "यही है इस विशेष सत्र का निष्कर्ष। न तो झूठ को स्वीकार करने की हिम्मत है, न ही झूठ को उजागर करने की।"

कम शब्दों में कहें तो, हरीश रावत ने सीएम धामी के प्रति अपनी कड़ी आलोचना करते हुए यह स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी चुनौतियाँ और निराशा की स्थिति है। भविष्य के विकास के लिए जागरूकता और सहयोग की आवश्यकता है।

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