Ahoi Ashtami 2025: संतान सुख और समृद्धि के लिए विशेष पूजा विधि, जानें सही मुहूर्त
Ahoi Ashtami 2025: करवा चौथ के चार दिन बाद अष्टमी तिथि को देवी अहोई माता का व्रत किया जाता है.
Ahoi Ashtami 2025: संतान सुख और समृद्धि के लिए विशेष पूजा विधि
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कम शब्दों में कहें तो, करवा चौथ के चार दिन बाद, अष्टमी तिथि को देवी अहोई माता का व्रत आयोजित किया जाता है, जो संतान की सुख-समृद्धि के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता बनने की इच्छुक महिलाओं द्वारा किया जाता है।
Ahoi Ashtami का महत्व
Ahoi Ashtami का त्योहार हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस दिन देवी अहोई माता की पूजा की जाती है। यह व्रत संतान सुख के लिए विशेष रूप से लोकप्रिय है और इसे देवी अहोई माता की कृपा से संतान सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
पूजा का सही मुहूर्त और विधि
इस वर्ष, 2025 में, अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी। पूजा का सही मुहूर्त शाम 6:00 से 8:00 बजे के बीच रहेगा। इस दौरान देवी अहोई माता का पूजन करते समय सच्चे मन से संतान की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
पूजा सामग्री
देवी अहोई माता की पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:
- अवलेह (ताजे फल)
- रोटी या आटा
- घी का दीपक
- फूल और माला
- सिंदूर और चूड़ी
पूजा विधि
1. सबसे पहले, चावलों को अच्छे से धोकर दें एवं उन्हें एक थाल में रखें।
2. इसके बाद, देवी अहोई माता का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
3. दिए में घी डालकर प्रज्वलित करें तथा संतान सुख की प्रार्थना करें।
4. पूजा समाप्ति के बाद, माता का भोग अर्पित करें एवं सभी उपस्थित सदस्यों के बीच प्रसाद बांटे।
निष्कर्ष
Ahoi Ashtami का व्रत संतान सुख की प्राप्ति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन की गई सजग पूजा से भक्तों को अपनी इच्छाओं की पूर्ति का आश्वासन मिलता है।
इस विशेष पर्व पर अगर आप भी संतान सुख की प्राप्ति के लिए देवी अहोई माता की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो उपरोक्त विधियों का पालन करें।
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टीम धर्म युद्ध द्वारा, सुरभि देवी