Badrinath मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी: आरोपी कर्मचारियों की जांच तेज, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्डिंग

एफएनएन, चमोली : Badrinath मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कर्मचारी के साथ कुछ अन्य कर्मचारियों की गतिविधियां भी संदिग्ध दिखाई देने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी […]

Badrinath मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी: आरोपी कर्मचारियों की जांच तेज, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्डिंग
एफएनएन, चमोली : Badrinath मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस

Badrinath मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी: आरोपी कर्मचारियों की जांच तेज, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्डिंग

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Dharm Yuddh

कम शब्दों में कहें तो, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच में कई कर्मचारी संदिग्ध पाए गए हैं, जिसके कारण पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

एफएनएन, चमोली : बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कर्मचारी और कुछ अन्य कर्मचारियों की गतिविधियां संदेहास्पद पाई गईं हैं, जिसके चलते अब जांच का दायरा विस्तृत कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसमें एक से अधिक लोगों की संलिप्तता है।

जांच की प्रक्रिया और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण

जांच के दौरान, पुलिस ने 25 जून की चढ़ावा गणना प्रक्रिया से जुड़ी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को बारीकी से परीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में केवल आरोपी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया है। सभी संबंधित फुटेज को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर तापीय दृष्टि से जांच शुरू कर दी है।

अलग-अलग दिनों की CCTV रिकॉर्डिंग से जोड़ी जा रही जांच की कड़ियां

पुलिस अब अन्य दिनों की रिकॉर्डिंग का भी विश्लेषण कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि अलग-अलग तारीखों की फुटेज की तुलना करने से यह पता चलेगा कि संदिग्ध गतिविधियां किसी एक दिन तक सीमित थीं या यह एक निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा थी।

बताया जा रहा है कि 27 जून से बदरीनाथ मंदिर परिसर में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इससे पहले लगे कैमरों की गुणवत्ता अपेक्षाकृत कम थी, इसलिए पुलिस पुराने और नए दोनों प्रकार के फुटेज का गहन परीक्षण कर रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जा सके।

पुलिस उपाधीक्षक की टिप्पणी

पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनकी निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। साथ ही अन्य तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह मामला गंभीर है और इसकी हर बिंदु पर जांच की जा रही है।

बीकेटीसी सीईओ का बयान

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि समिति की ओर से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने में कोई चूक नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था है और एक समय में 15 से 16 कैमरे संचालित रहते हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी समिति को किसी प्रकार की शिकायत मिलती है, तुंरत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। रांगड़ ने यह भी कहा कि पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जैसे-जैसे यह जांच आगे बढ़ेगी, हमें अधिक जानकारी प्राप्त होगी, लेकिन पुलिस की सक्रियता यह दिखाती है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

इस पूरी घटना ने न केवल बदरीनाथ मंदिर की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को भी हानि पहुँचाई है। आगे आने वाले दिनों में इस मामले से संबंधित अधिक जानकारी और साक्ष्य सामने आने की उम्मीद है।

अधिक अपडेट्स के लिए, विजिट करें धर्म युद्ध.

सादर, टीम धर्म युद्ध